UGC Fake University List: रांची का 'दक्ष विश्वविद्यालय' निकला फर्जी, डिग्री नहीं होगी मान्य

Monday, Feb 23, 2026-04:15 PM (IST)

UGC Fake University List: University Grants Commission (यूजीसी) ने देशभर के 32 संस्थानों को फर्जी विश्वविद्यालय घोषित किया है। इस सूची में झारखंड का कथित ‘दक्ष विश्वविद्यालय’ भी शामिल है। आयोग ने साफ किया है कि इन संस्थानों द्वारा दी गई डिग्रियां न तो सरकारी या निजी नौकरी में मान्य होंगी और न ही आगे की पढ़ाई के लिए स्वीकार की जाएंगी।

फर्जी विश्वविद्यालयों पर यूजीसी की सख्ती

यूजीसी के अनुसार, ये संस्थान खुद को विश्वविद्यालय बताते हैं, लेकिन इन्हें न केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार से कोई मान्यता मिली है। आयोग ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांच लें।

रांची में ‘दक्ष विश्वविद्यालय’ का पता संदिग्ध

सूची में शामिल ‘दक्ष विश्वविद्यालय’ का पता भास्कर पथ, न्यू पुनदाग, मसीबारी, रांची – 834007 बताया गया है। स्थानीय जांच में इस पते पर कोई विश्वविद्यालय संचालित होता नहीं मिला। आसपास के लोगों ने भी ऐसे किसी शिक्षण संस्थान के अस्तित्व से इनकार किया। हालांकि इंटरनेट पर इस नाम से एक वेबसाइट जरूर दिखाई देती है, जिसमें कई कोर्स और डिग्री कार्यक्रमों की जानकारी दी गई है। लेकिन वेबसाइट पर कोई स्पष्ट संपर्क नंबर, अधिकृत कार्यालय या प्रशासनिक ढांचे की ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है। इससे संदेह और गहरा हो जाता है कि यह संस्थान केवल ऑनलाइन तक सीमित हो सकता है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

Ranchi University के पूर्व सिंडिकेट सदस्य डॉ. अटल पांडे ने कहा कि झारखंड में ‘दक्ष विश्वविद्यालय’ नाम का कोई मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय नहीं है। यदि कोई संस्था विश्वविद्यालय के नाम पर छात्रों को गुमराह कर रही है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। स्टेट यूनिवर्सिटी एसोसिएशन के पदाधिकारी डॉ. राजकुमार ने कहा कि फर्जी विश्वविद्यालय अक्सर आकर्षक विज्ञापनों, जल्दी डिग्री देने के वादे, ऑनलाइन कोर्स और कम फीस का लालच देकर छात्रों को फंसाते हैं। बाद में जब डिग्री की वैधता पर सवाल उठते हैं, तो छात्रों का भविष्य संकट में पड़ जाता है।

झारखंड में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय

झारखंड में फिलहाल करीब 30 से 32 मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय संचालित हैं। पूर्व कुलपति एस.एन. मुंडा ने कहा कि जागरूकता ही इस समस्या का सबसे बड़ा समाधान है। किसी भी संस्थान में दाखिला लेने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच करना जरूरी है, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।


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Khushi

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