शिक्षा विभाग का इंजीनियर 5 लाख घूस लेते गिरफ्तार: घर से मिले 42 लाख रुपए, बेड के नीचे से नोटों के बंडल देख टीम हैरान
Wednesday, Mar 04, 2026-11:26 AM (IST)
Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत विशेष निगरानी इकाई (SVU) को बड़ी सफलता मिली है। बेतिया में तैनात शिक्षा विभाग के सहायक अभियंता (असिस्टेंट इंजीनियर) रौशन कुमार को न केवल 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, बल्कि उनके आवास से नकदी का अंबार भी बरामद हुआ है। इंजीनियर के घर की स्थिति ऐसी थी कि बेड के नीचे से लेकर फाइलों के बीच तक सिर्फ नोटों के बंडल छिपे थे।
रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद आधी रात को छापेमारी
सोमवार को निगरानी की टीम ने रौशन कुमार को 5 लाख रुपए की पहली किस्त लेते हुए एक चाय की दुकान से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद, टीम सोमवार रात 10 बजे उनके बंगाली कॉलोनी स्थित किराए के मकान पर पहुंची। तलाशी के दौरान वहां से 42 लाख 500 रुपए नगद बरामद किए गए। इस तरह अभियंता के पास से कुल 47 लाख 500 रुपए की नकदी जब्त की गई है।
गिनती में लगे 2 घंटे, 500 के नोटों के बंडल देख टीम दंग
अभियंता के कमरे में कैश इस कदर छिपाकर रखा गया था कि बैगों, फाइलों और बेड के नीचे से नोटों की गड्डियां निकलने लगीं। बरामद सभी नोट 500 रुपए के थे। छापेमारी देर रात तक चली और काउंटिंग मशीन उपलब्ध न होने के कारण अधिकारियों को नोटों के बंडल गिनने में करीब दो घंटे का समय लग गया।
31 मार्च का 'टारगेट' और 10% का कमीशन सिंडिकेट
जांच में खुलासा हुआ है कि बरामद की गई भारी राशि महज एक सप्ताह की वसूली है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति (31 मार्च) से पहले लंबित बिलों के भुगतान के बदले अभियंता ठेकेदारों से 10% कमीशन की मांग कर रहा था। पूछताछ में रौशन कुमार ने स्वीकार किया कि इस काली कमाई में वह अकेला नहीं था; विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस 'कमीशन सिंडिकेट' का हिस्सा थे।
यह भी पढ़ें- होली पर खूनी खेल…दोस्तों ने पहले खिलाया-पिलाया, फिर सीने में उतार दी गोली; डेढ़ घंटे तक लाश के पास बैठे रहे कातिल
डायरी में दर्ज है 'पाप की कमाई' का हिसाब
तलाशी के दौरान निगरानी टीम को एक महत्वपूर्ण दस्तावेज (डायरी) मिला है। इसमें हर ठेकेदार से ली गई राशि, तय कमीशन और बाकी बकाये का पूरा हिसाब दर्ज है। यह कागज इस भ्रष्टाचार रैकेट के अन्य चेहरों को बेनकाब करने में अहम सबूत साबित हो सकता है।
यह भी पढ़ें- पुलिस को देख भाग रहे थे 3 संदिग्ध, घेराबंदी कर दबोचे गए... फिर जो हुआ उसने सबको चौंका दिया
नौतन के ठेकेदार ने दी थी शिकायत
इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत नौतन प्रखंड के एक ठेकेदार शम्श तबरेज की शिकायत पर हुई। तबरेज ने स्कूलों में मरम्मत के 57 लाख रुपए के बिल को पास कराने के एवज में मांगी गई 5.7 लाख रुपए की रिश्वत की सूचना पटना निगरानी विभाग को दी थी। प्राथमिक जांच के बाद डीएसपी सुधीर कुमार के नेतृत्व में जाल बिछाया गया और आरोपी को रिश्वत लेते दबोच लिया गया।

