Bihar Air Pollution: बिहार में ठंड से राहत, लेकिन हवा बनी जानलेवा; पटना सबसे ज्यादा प्रदूषित
Tuesday, Jan 20, 2026-12:00 AM (IST)
Bihar Air Pollution: बिहार में कड़ाके की ठंड से लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन इसके साथ ही वायु प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। तापमान में बढ़ोतरी के बीच राज्य के कई जिलों की हवा खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। राजधानी पटना में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, जबकि गया, नालंदा, हाजीपुर, सहरसा और समस्तीपुर समेत कई जिलों में भी जहरीली हवा के संकेत मिले हैं। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 के पार पहुंच गया है, जिसे स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद गंभीर माना जाता है।
पटना में सबसे खराब हालात, कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट
राजधानी पटना में सोमवार सुबह 8 बजे दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रही।
- पटना एयरपोर्ट: 249 AQI (ऑरेंज अलर्ट)
- डाक बंगला चौराहा: 232 AQI
- सगुना मोड़–दानापुर स्टेशन रोड: 195 AQI
- इको पार्क: 163 AQI
- गांधी मैदान: 117 AQI
इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी की हवा आम लोगों के लिए असुरक्षित होती जा रही है।
छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट, हालात गंभीर
पटना के अलावा राज्य के कई अन्य जिलों में भी प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। जिन जिलों में 200 से अधिक AQI दर्ज किया गया है, वहां ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बनी हुई है।
- गया: 250 AQI
- हाजीपुर: 248 और 246 AQI
- नालंदा (बिहार शरीफ): 214 AQI
- राजगीर: 213 AQI
- सहरसा: 211 AQI
- समस्तीपुर: 207 AQI
प्रदूषण विभाग के अनुसार, 200 से ऊपर AQI होना बेहद खराब हवा का संकेत है और इससे सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
10 से ज्यादा जिलों में येलो अलर्ट
राज्य के कई जिलों में AQI 100 से 200 के बीच दर्ज किया गया है, जिसे येलो अलर्ट की श्रेणी में रखा गया है। इन इलाकों में खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
- बक्सर: 190 AQI
- मुजफ्फरपुर: 179 AQI
- भागलपुर (शहरी): 155 AQI
- औरंगाबाद: 147 AQI
- बेगूसराय: 147 AQI
- कटिहार: 147 AQI
- नवगछिया: 139 AQI
- अररिया: 139 AQI
- बेतिया: 122 AQI
- मोतिहारी: 119 AQI
- आरा: 113 AQI
सेहत पर क्या असर पड़ सकता है?
प्रदूषण विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस स्तर की हवा से आंखों में जलन,खांसी और गले में खराश,सांस लेने में दिक्कत,अस्थमा और फेफड़ों की बीमारी बढ़ने का खतरा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या सावधानी बरतें?
प्रदूषण को देखते हुए लोगों को सलाह दी गई है कि दमा और सांस के मरीज बिना जरूरत बाहर न निकलें। बाहर जाते समय N95 या N99 मास्क का इस्तेमाल करें। सुबह-शाम की सैर और एक्सरसाइज फिलहाल टालें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित रखें।पानी ज्यादा पिएं और घर के अंदर रहने की कोशिश करें।
क्यों बढ़ रहा है प्रदूषण?
विशेषज्ञों के मुताबिक, वायु प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं जैसे वाहनों से निकलने वाला धुआं,निर्माण कार्यों से उड़ती धूल, औद्योगिक उत्सर्जन, कृषि अवशेषों का जलना और मौसम में बदलाव से हवा की गति का कम होना।

