AIMIM ने पांच सीटें जीत सीमांचल में छोड़ा गहरा प्रभाव, महागठबंधन की उम्मीदों को पहुंचाई चोट

11/11/2020 5:23:29 PM

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने पांच सीटें जीत कर सीमांचल में गहरा प्रभाव छोड़ा है। साथ ही मिथिला एवं कोसी इलाके में भी उसका असर देखा गया है। एआईएमआईएम के ऐसे प्रदर्शन के कारण ही सीमांचल क्षेत्र में महागठबंधन के 2015 के चुनाव की तुलना में इस बार अपना प्रदर्शन बेहतर करने की उम्मीदों को गहरा झटका लगा।

एआईएमआईएम ने सीमांचल क्षेत्र में अपने को राजद और कांग्रेस के विकल्प के तौर पर पेश करते हुए 16 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे। पार्टी ने राजग और महागठबंधन को कड़ी टक्कर देते हुए सीमांचल क्षेत्र में पांच सीटें जीती जिसमें अमौर, कोचाधाम, जोकीहाट, बायसी और बहादुरगंज सीट शामिल है। एआईएमआईएम हालांकि किशनगंज सीट जीतने में विफल रही लेकिन उसके उम्मीदवार मोहम्मद कमरूल होदा को 41,727 वोट प्राप्त हुए। इस सीट पर एआईएमआईएम तीसरे स्थान पर रही और यहां कांग्रेस ने जीत दर्ज की। इसी तरह एआईएमआईएम ने सीमांचल, कोसी और मिथिला की कई सीटों पर प्रभावी प्रदर्शन किया।

सीमांचल क्षेत्र में 24 सीटों में निवर्तमान विधानसभा में राजद, कांग्रेस सहित महागठबंधन के पास 14 सीट, राजग के पास 9 सीट और एआईएमआईएम के खाते में एक सीट थी। बिहार चुनाव 2020 में सीमांचल में एआईएमआईएम के बेहतर प्रदर्शन के कारण महागठबंधन की उम्मीदों को झटका लगा है। इस बारे में पूछे जाने पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘‘सीमांचल की जनता जानती है कि कौन उनकी लड़ाई लड़ सकता है, उसी हिसाब से वहां की जनता ने हमें चुना है।'' उन्होंने कहा कि वह पार्टी के विस्तार के लिए चुनाव लड़ेंगे और अब अगर कोई कुछ बोलता है तो बोले लेकिन वे अपना काम जारी रखेंगे।


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Ramanjot

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