बिहार कांग्रेस में टूट की आहट! आज दिल्ली में होगी हाईलेवल मीटिंग, हो सकता है बड़ा ऐलान
Friday, Jan 23, 2026-12:33 PM (IST)
Bihar Congress crisis : बिहार कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान और विधायकों की टूट की अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व ने बड़ा कदम उठाया है। आगामी विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों और सांसदों को दिल्ली तलब किया है। आज शाम दिल्ली में पार्टी की अहम बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें संगठनात्मक मजबूती और मौजूदा राजनीतिक हालात पर मंथन होगा। |
यह बैठक दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में शाम 4:30 बजे शुरू होगी, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद रहेंगे। बैठक में बिहार कांग्रेस के सभी विधायक, सांसद, एमएलसी के साथ-साथ प्रदेश प्रभारी कृष्णा अलावरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा के साथ-साथ विधायक दल के नेता के नाम की घोषणा भी की जा सकती है। इसके अलावा विधायकों की नाराज़गी और पार्टी में संभावित टूट को लेकर भी गंभीर मंथन होने की संभावना है।
चुनाव के बाद कांग्रेस में टूट की चर्चा तेज
दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के अंदर यह चर्चा तेज है कि कांग्रेस के सभी छह विधायक पार्टी में बने रहने को लेकर असमंजस में हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी दावा किया जा रहा है कि ये विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संपर्क में हैं और जेडीयू में शामिल हो सकते हैं।
कांग्रेस ने 61 सीटों पर लड़ा था चुनाव
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने बड़ी जीत दर्ज की थी। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए को कुल 202 सीटें मिली थीं, जिनमें बीजेपी ने 89 और जेडीयू ने 85 सीटें जीती थीं। वहीं, विपक्षी महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया था। आरजेडी को 25 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस 61 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद महज 6 सीटें ही जीत सकी।
क्या खत्म हो जाएगा कांग्रेस का वजूद?
कांग्रेस के जिन छह विधायकों के पार्टी छोड़ने की चर्चा है, उनमें मनीहारी से मनोहर प्रसाद सिंह, वाल्मीकिनगर से सुरेंद्र प्रसाद, चनपटिया से अभिषेक रंजन, अररिया से अबीदुर रहमान, किशनगंज से मोहम्मद कमरूल होदा और फारबिसगंज से मनोज बिस्वास शामिल हैं। यदि ये सभी विधायक पार्टी छोड़ते हैं, तो बिहार विधानसभा में कांग्रेस की मौजूदगी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

