खाड़ी युद्ध का असर बाजारों पर: होटल-रेस्टोरेंट के चूल्हे पड़े ठंडे, गैस एजेंसियां नहीं उठा रहीं फोन; कारोबारियों में चिंता
Wednesday, Mar 11, 2026-11:55 AM (IST)
Jharkhand News: खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के असर अब स्थानीय बाजारों पर भी दिखने लगे हैं। शहर में कमर्शियल एलपीजी गैस की कमी के कारण होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान परेशान हैं। एजेंसी संचालक फोन तक नहीं उठा रहे हैं, जिससे व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है।
बंद होने की कगार पर होटल-रेस्टोरेंट
शहर में इन दिनों कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। होटल और दुकान संचालकों का कहना है कि यदि एक-दो दिन तक यही हाल रहा तो कई होटल और रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ सकती है। व्यापारियों के अनुसार होटलों और अन्य दुकानों में रोजाना एक से दो कमर्शियल गैस सिलेंडरों की खपत होती है। लेकिन एजेंसियों से गैस नहीं मिलने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई दुकानदारों ने बताया कि एजेंसी संचालक फोन भी नहीं उठा रहे हैं, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।
गेल गैस सप्लाई सामान्य
इधर, घरेलू गैस सिलेंडर के लिए भी फिलहाल करीब पांच दिन का वेटिंग चल रहा है। हालांकि इंडियन ऑयल की ओर से कहा गया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है और उन्हें नियमानुसार गैस उपलब्ध कराई जा रही है। कंपनी के अनुसार कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति फिलहाल रोकी गई है। नियम के मुताबिक उपभोक्ताओं को 25 दिन बाद ही एलपीजी सिलेंडर मिल पाता है। कंपनी का कहना है कि अभी उनकी प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की नियमित आपूर्ति बनाए रखना है और इस दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गेल की पाइपलाइन गैस की सुविधा है, वहां किसी तरह की परेशानी नहीं है। दिक्कत केवल उन प्रतिष्ठानों को हो रही है जो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं। ऐसे व्यापारियों ने प्रशासन से एलपीजी की कालाबाजारी रोकने की भी मांग की है।

