Dhanbad में उत्साह व भव्यता के साथ मनाया गया स्थापना दिवस, कार्यक्रम में खली गुरु जी की कमी; पिता को याद कर रोने लगे CM हेमंत सोरेन
Wednesday, Feb 04, 2026-05:51 PM (IST)
Dhanbad News: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बुधवार को धनबाद में अपना 54वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया। इस मौके पर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पार्टी की एकजुटता और आगे के राजनीतिक संघर्षों का संदेश दिया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का किया गया जोरदार स्वागत
झारखंड मुक्ति मोर्चा का 54वां स्थापना दिवस समारोह धनबाद के रणधीर वर्मा स्टेडियम (गोल्फ ग्राउंड) में आयोजित किया गया। झामुमो की स्थापना 4 फरवरी 1973 को धनबाद में हुई थी। स्थापना दिवस के मौके पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक समारोह में शामिल हुए। रांची से धनबाद पहुंचने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का हवाईपट्टी पर जोरदार स्वागत किया गया। उनके साथ अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन भी मौजूद थे। धनबाद नगर निगम चुनाव को लेकर मेयर प्रत्याशी चंद्रशेखर अग्रवाल भी अपने समर्थकों के साथ स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए।
गुरुजी को याद करते हुए भावुक हुए CM हेमंत सोरेन
समारोह के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री हफीजुल हसन समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक और टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग एक बार फिर दोहराई। मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि यह पहला मौका है जब झामुमो का स्थापना दिवस दिशोम गुरु शिबू सोरेन की गैर मौजूदगी में मनाया जा रहा है। उन्होंने ऐलान किया कि गुरुजी को भारत रत्न दिलाने के लिए धनबाद से लेकर झारखंड विधानसभा और केंद्र सरकार तक आंदोलन किया जाएगा। झामुमो का यह स्थापना दिवस समारोह पार्टी की एकता, ताकत और आने वाले राजनीतिक संघर्षों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्थापना दिवस कार्यक्रम के मंच पर एक खास दृश्य देखने को मिला। मंच की मुख्य कुर्सी खाली रखी गई और उस पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर रखी गई। यह सिर्फ पार्टी में उनके स्थान को ही नहीं। उनके प्रति सम्मान और उनके ऐतिहासिक योगदान को नमन भी था। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच और मैदान दोनों जगहों पर गुरुजी की गैरमौजूदगी महसूस की गई। खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुजी को याद करते हुए भावुक हो गए और उनके आंखों में आंसू आ आए, जिससे माहौल और भी भावनात्मक हो गया। इस मौके पर सीएम ने झामुमो के संघर्ष और आंदोलन के इतिहास को याद किया और झारखंड के हक की लड़ाई को जारी रखने का संदेश दिया।

