CM हेमंत सोरेन ने की यूके मंत्री सीमा मल्होत्रा से मुलाकात, झारखंड-यूके सहयोग बढ़ाने पर सहमति

Friday, Jan 23, 2026-05:18 PM (IST)

Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आधिकारिक दौरे पर यूनाइटेड किंगडम (यूके) पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने यूके सरकार की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मुलाकात की। बैठक में शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, माइनिंग, क्लाइमेट चेंज और सांस्कृतिक विरासत जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने झारखंड और यूके के बीच लंबे समय तक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

PunjabKesari

"झारखंड की विरासत सिर्फ राज्य ही नहीं, बल्कि..."
बैठक में शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट को लेकर एक ठोस एक्शन प्लान बनाने पर सहमति बनी। इसमें विदेश में पढ़ाई, इंटर्नशिप, लीडरशिप डेवलपमेंट और पब्लिक सर्विस से जुड़े प्रोग्राम शामिल होंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के युवाओं को ग्लोबल स्तर के मौके देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यूके सरकार ने झारखंड की मरांग गोमके जयपाल मुंडा फॉरेन स्कॉलरशिप स्कीम और चेवनिंग स्कॉलरशिप की तारीफ की। बताया गया कि पिछले चार सालों में इन योजनाओं से 100 से ज्यादा छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा का लाभ मिला है। मीटिंग में यूके की प्रमुख यूनिवर्सिटीज और स्किल ट्रेनिंग संस्थानों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर बात हुई। माइनिंग टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट स्टडीज और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के क्षेत्र में जॉइंट कोर्स, टीचर एक्सचेंज और ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने पर जोर दिया गया। सीएम सोरेन ने कहा कि इससे झारखंड के छात्रों को वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग और रिसर्च का मौका मिलेगा और राज्य की मानव संसाधन क्षमता मजबूत होगी।

PunjabKesari

मुख्यमंत्री ने यूके की विशेषज्ञता के साथ रिस्पॉन्सिबल माइनिंग में सहयोग का प्रस्ताव रखा। इसमें पर्यावरण सुरक्षा, माइनिंग की निगरानी, सेफ्टी, क्लीन प्रोसेसिंग और आधुनिक तकनीक शामिल है। इसके साथ ही झारखंड-यूके के बीच क्रिटिकल मिनरल्स पर एक वर्किंग ग्रुप बनाने पर भी चर्चा हुई। इसका मकसद रिसर्च, इनोवेशन और सप्लाई चेन को मजबूत करना है, ताकि झारखंड भविष्य की ग्रीन इकॉनमी के लिए तैयार हो सके। बैठक में कोयला क्षेत्र के बदलाव को लेकर भी अहम चर्चा हुई। यूके की क्लाइमेट और फाइनेंशियल संस्थाओं के साथ मिलकर कोल सेक्टर के डायवर्सिफिकेशन, मजदूरों और स्थानीय समुदायों के लिए सपोर्ट सिस्टम तैयार करने पर विचार किया गया। सीएम सोरेन ने झारखंड को जस्ट ट्रांजिशन प्रोग्राम के लिए पायलट राज्य बनाने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृति, खेल और विरासत लोगों को जोड़ने का मजबूत जरिया हैं। उन्होंने भारत-यूके हेरिटेज एग्रीमेंट के तहत झारखंड के मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के संरक्षण में सहयोग की मांग की। इन ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को की मान्यता दिलाने के लिए भी सहयोग पर चर्चा हुई। सीएम ने कहा कि झारखंड की विरासत सिर्फ राज्य ही नहीं, बल्कि पूरी मानव सभ्यता की धरोहर है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Khushi

Related News

static