झारखंड में CID के खोजी कुत्तों की मौज! मिलेगा प्रीमियम विदेशी भोजन, बढ़ेगी ताकत और सूंघने की क्षमता

Thursday, Apr 09, 2026-12:08 PM (IST)

Jharkhand News: झारखंड सरकार ने राज्य के CID के खोजी कुत्तों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला भोजन देने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य इन कुत्तों की शारीरिक ताकत और विस्फोटक खोजने की क्षमता को बढ़ाना है।

खोजी कुत्तों को मिलेगा प्रीमियम विदेशी भोजन
राज्य में पहली बार इन खोजी कुत्तों के लिए विदेशी ब्रांड का पैक्ड फूड खरीदा जा रहा है। CID ने फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका और स्पेन के प्रीमियम डॉग फूड को चुना है। 6 अप्रैल को जारी पत्र के अनुसार, श्वान दस्ते को रॉयल कैनिन मैक्सी और डायबेक सेंस जैसे विशेष भोजन दिए जाएंगे। इन खाद्य पदार्थों में ऐसे पोषक तत्व हैं जो कुत्तों की शक्ति और सूंघने की क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं।

एक खोजी कुत्ते पर प्रतिदिन लगभग 300-400 रुपये खर्च
विभाग का कहना है कि बेहतर पोषण मिलने से श्वान दस्ते की कार्यक्षमता बढ़ेगी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। ये कुत्ते विस्फोटक खोजने, अपराधियों का पीछा करने और हत्या व चोरी के मामलों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाते हैं। पशु विशेषज्ञ रोहित पाल के अनुसार, संतुलित आहार से कुत्तों को अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है और उनका नर्वस सिस्टम मजबूत होता है, जिससे वे अधिक फोकस के साथ काम कर सकते हैं। फिलहाल CID के पास 58 प्रशिक्षित खोजी कुत्ते हैं, जिनमें बेल्जियम शेफर्ड और लैब्राडोर प्रमुख नस्लें हैं। ये कुत्ते ट्रैकर और स्निफर के रूप में प्रशिक्षित होते हैं और मुख्य रूप से नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात रहते हैं।

एक खोजी कुत्ते पर प्रतिदिन लगभग 300-400 रुपये खर्च होते हैं, जबकि सालाना खर्च करीब 1.44 लाख रुपये है। झारखंड की प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 1,16,663 रुपये है, जो एक कुत्ते पर होने वाले खर्च से कम है।


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Khushi

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