झारखंड वासियों को लगा ''महंगाई का करंट'': बढ़े बिजली के दाम, देखें शहरी और ग्रामीण इलाकों में कितना लगेगा चार्ज
Wednesday, Mar 25, 2026-05:17 PM (IST)
Jharkhand News: रांची से बिजली उपभोक्ताओं के लिए अहम खबर सामने आई है। राज्य में बिजली दरों में हल्की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन साथ ही कुछ राहत भी दी गई है, जिससे आम लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े।
झारखंड में 6.12% बिजली दर बढ़ी
झारखंड में बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनी JBVNL के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का नया टैरिफ आदेश जारी कर दिया गया है। इस आदेश के तहत बिजली दरों में 6.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी मिली है। हालांकि, उपभोक्ताओं को राहत देते हुए मीटर रेंट पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। नई दरों के अनुसार, शहरों में बिजली 55 पैसे प्रति यूनिट और ग्रामीण इलाकों में 50 पैसे प्रति यूनिट महंगी हो गई है। अलग-अलग श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी 50 पैसे से लेकर 80 पैसे प्रति यूनिट तक है। यह टैरिफ आदेश पुराने वित्तीय आंकड़ों, प्रदर्शन समीक्षा और आने वाले वर्षों की योजना को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पहले JBVNL ने 59 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था, लेकिन आयोग ने इसे घटाकर 6.12 प्रतिशत कर दिया, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
नहीं देना होगा मीटर रेंट
कृषि उपभोक्ताओं के लिए दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे किसानों को फायदा होगा। इसके अलावा, अब किसी भी उपभोक्ता से मीटर रेंट नहीं लिया जाएगा, जिससे बिजली बिल थोड़ा कम हो सकता है। जो उपभोक्ता 5 दिनों के अंदर बिल का भुगतान करेंगे, उन्हें 2 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी। वहीं, प्रीपेड मीटर लगाने वालों को 3 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी और उनकी सिक्योरिटी जमा राशि एक महीने के अंदर वापस कर दी जाएगी।
आयोग ने बिजली वितरण में नुकसान (लाइन लॉस) को 13 प्रतिशत तक सीमित रखने का निर्देश दिया है, ताकि व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। साथ ही, बिजली बिल को आसान बनाने और शिकायतों के समाधान के लिए नई सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग को बढ़ावा देने के लिए सौर समय में 7 रुपये और बाकी समय में 8.70 रुपये प्रति यूनिट दर तय की गई है। ग्रीन एनर्जी को भी बढ़ावा दिया गया है, जिसके तहत 0.95 रुपये प्रति यूनिट अतिरिक्त शुल्क रखा गया है। कुल मिलाकर, बिजली दरों में थोड़ी बढ़ोतरी के साथ सरकार ने कई राहतें भी दी हैं, ताकि आम लोगों और बिजली कंपनी दोनों के बीच संतुलन बना रहे।

