क्या लालू की बेटी मीसा भारती बनेंगी RJD की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष? 25 जनवरी को होगा बड़ा फैसला
Tuesday, Jan 20, 2026-04:32 PM (IST)
Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बिहार विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 25 जनवरी को अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में नेतृत्व से जुड़े अहम फैसले लिए जा सकते हैं, जिन पर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही हैं।
पार्टी के सभी शीर्ष नेता होंगे शामिल!
RJD के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी भोला यादव द्वारा जारी पत्र के मुताबिक, यह बैठक शहर के एक होटल में आयोजित की जाएगी। पार्टी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने भी बैठक की पुष्टि करते हुए कहा, “हां, राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 25 जनवरी को होगी। लालू जी के अलावा, पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं के इसमें शामिल होने की संभावना है। नेतृत्व द्वारा महत्वपूर्ण माने जाने वाले मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।”
कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष’ पर हो सकता है फैसला
हालांकि पार्टी के नेता सार्वजनिक रूप से चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि बैठक में ‘कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष’ की नियुक्ति पर फैसला लिया जा सकता है। RJD की स्थापना 1997 में जनता दल से अलग होकर करने वाले लालू प्रसाद तब से पार्टी के शीर्ष पद पर बने हुए हैं। बावजूद इसके, उनके खराब स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र को देखते हुए संगठन के रोजमर्रा के कामकाज के लिए दूसरी पंक्ति के नेतृत्व की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
चुनाव में RJD को उठाना पड़ा भारी नुकसान
सूत्रों के अनुसार, इस संभावित पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार पूर्व उपमुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव माने जा रहे हैं, जो लालू प्रसाद के छोटे बेटे और राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं। लेकिन हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन ने कथित तौर पर परिवार के भीतर मतभेदों को भी उजागर कर दिया है। RJD को पिछले चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा, जहां उसकी सीटें पांच साल पहले की 75 से घटकर सिर्फ 25 रह गईं।
इसी पृष्ठभूमि में पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि नेतृत्व की जिम्मेदारी लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती को दी जानी चाहिए, जो वर्तमान में पाटलिपुत्र से लोकसभा सांसद हैं। बैठक में होने वाले फैसलों पर न केवल पार्टी का भविष्य, बल्कि RJD के भीतर शक्ति संतुलन भी निर्भर करता माना जा रहा है।

