अधूरी ख्वाहिश हुई पूरी! अब लालू यादव और सुशील मोदी की बराबरी करेंगे नीतीश, राज्यसभा के जरिए रचेंगे नया इतिहास
Thursday, Mar 05, 2026-03:56 PM (IST)
Bihar Politics: बिहार की राजनीति के 'चाणक्य' कहे जाने वाले नीतीश कुमार ने आखिरकार अपने अगले कदम से सस्पेंस हटा दिया है। मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया के जरिए पुष्टि की है कि वे आगामी राज्यसभा चुनाव में नामांकन दाखिल करेंगे। इस फैसले के साथ ही न केवल बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है, बल्कि नीतीश कुमार अपने चार दशकों के संसदीय जीवन की एक अधूरी साध भी पूरी करने जा रहे हैं।
"चारों सदनों का सदस्य बनने की थी पुरानी इच्छा"
नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में भावुक होते हुए लिखा कि उनके मन में लंबे समय से एक टीस थी। उन्होंने साझा किया, "संसदीय जीवन की शुरुआत से ही मेरी इच्छा थी कि मैं बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इस बार राज्यसभा सदस्य बनकर मेरा यह सपना साकार होने जा रहा है।"
नीतीश कुमार अब तक विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं। राज्यसभा का हिस्सा बनते ही वे बिहार के उन दिग्गज नेताओं की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने राजनीति के चारों सदनों का प्रतिनिधित्व किया है।
लालू प्रसाद और सुशील मोदी के रिकॉर्ड की बराबरी
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना उन्हें बिहार के दो अन्य दिग्गज नेताओं- लालू प्रसाद यादव और दिवंगत सुशील कुमार मोदी के समकक्ष खड़ा कर देगा। अब तक बिहार की राजनीति में केवल इन दोनों नेताओं के नाम ही चारों सदनों (विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा) की सदस्यता का रिकॉर्ड दर्ज था। नीतीश कुमार अब इस 'विशिष्ट क्लब' के तीसरे सदस्य बनने जा रहे हैं।
नीतीश कुमार ने अपने संदेश में बिहार की जनता को आश्वस्त किया है कि वे राज्य से दूर नहीं हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित बिहार बनाने का उनका संकल्प कायम रहेगा और राज्य में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त होता रहेगा। उनके इस बयान ने बिहार में भाजपा नेतृत्व वाली नई सरकार और नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी के कयासों पर मुहर लगा दी है।

