नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में आज ली शपथ, चारों सदनों के सदस्य बनने वाले बिहार के दूसरे सीएम
Friday, Apr 10, 2026-12:42 PM (IST)
Nitish Kumar : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। अब वह राज्यसभा के सदस्य के रूप में अपनी संसदीय पारी का नया आगाज करेंगे। उनके राज्यसभा जाने के साथ ही बिहार में नयी सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त होगा। राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने अपने कक्ष में एक संक्षिप्त समारोह में उन्हें उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई। कुमार ने केंद्रीय मंत्री एवं सदन के नेता जे पी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की मौजूदगी में हिंदी में शपथ ली। जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के नेता एवं पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, कांग्रेस नेता जयराम रमेश तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता, सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी भी शपथ ग्रहण के दौरान मौजूद थे। कुमार के राज्यसभा सदस्य की भूमिका संभालने के साथ ही बिहार में उनके शासन का अंत हो गया है।
चारों सदनों के सदस्य होने का मिला गौरव
बृहस्पतिवार को दिल्ली पहुंचने पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि अब वे केंद्रीय राजनीति में सक्रिय रहेंगे। उनके इस कदम से बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। बता दें कि नीतीश कुमार ने 1985 में बिहार विधानसभा से अपनी पारी शुरू की थी। वे 6 बार लोकसभा सांसद रहे और मुख्यमंत्री बनने के बाद 4 बार विधान परिषद के सदस्य चुने गए। वहीं आज नीतीश राज्य सभा सदस्य के रुप में शपथ ली है। जिसके साथ उन्हें चारों सदनों के सदस्य होने का गौरव प्राप्त हो गया। नीतीश कुमार लालू यादव के बाद चारों सदनों के सदस्य बनने वाले दूसरे सीएम बन गए है।
14 अप्रैल को दे सकते है सीएम पद से इस्तीफा!
जानकारी मिल रही है कि मुख्यमंत्री 12 अप्रैल को दिल्ली से पटना लौटेंगे। इसके बाद 13 अप्रैल को कैबिनेट की संभावित आखिरी बैठक हो सकती है। 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि 15 अप्रैल तक बिहार के नए सीएम की घोषणा हो सकती है। यह बिहार की राजनीति में एक युग का अंत और एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।
बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि चौधरी ने कहा, ''बिहार में राजग सरकार बनेगी और निश्चित रूप से नीतीश कुमार द्वारा बनाए गए 'नीतीश मॉडल' का अनुसरण करेगी, जैसा कि पिछले 20 वर्षों से होता आ रहा है।'' कुमार राज्य विधान परिषद की सदस्यता से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। जनता दल (यूनाइटेड) सुप्रीमो 16 मार्च को संसद के ऊपरी सदन के लिए निर्वाचित हुए थे।

