बिहार में 10 मार्च तक भुगतान पर ब्रेक, वेतन-पेंशन छोड़ बाकी सभी निकासी पर रोक
Friday, Feb 27, 2026-11:51 PM (IST)
पटना: वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन से पहले बढ़ते खर्च के दबाव को देखते हुए Bihar सरकार ने अहम प्रशासनिक कदम उठाया है। वित्त विभाग की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि 10 मार्च 2026 तक वेतन, पेंशन और संविदा कर्मियों के मानदेय जैसे प्रतिबद्ध खर्चों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के भुगतान और निकासी पर अस्थायी रोक रहेगी।
विभाग के विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, इस अवधि में ट्रेजरी से केवल स्थापना मद और पहले से स्वीकृत अनिवार्य व्यय ही जारी किए जाएंगे। निर्माण कार्य, आपूर्ति, अनुबंध आधारित भुगतान या अन्य गैर-आवश्यक खर्चों से जुड़े बिल फिलहाल पास नहीं किए जाएंगे। 10 मार्च के बाद आवश्यक बिलों की जांच-पड़ताल पूरी कर भुगतान प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का तर्क है कि वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में बड़ी संख्या में बिल ट्रेजरी में जमा हो जाते हैं, जिससे बजट संतुलन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर दबाव बढ़ता है। Bihar Treasury Code 2011 के प्रावधानों के तहत यह कदम वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और अनियोजित खर्च को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा और अनावश्यक व्यय पर रोक लगेगी।
किन विभागों पर पड़ेगा असर?
इस निर्णय का प्रभाव शिक्षा, स्वास्थ्य, पथ निर्माण, ग्रामीण विकास और बिजली जैसे प्रमुख विभागों पर पड़ा है। इन विभागों से जुड़े कई परियोजनाओं के बिल फिलहाल लंबित हो गए हैं, जिससे कार्यों की गति धीमी पड़ने की आशंका है।
ठेकेदारों और सप्लायरों को भुगतान में देरी से नकदी प्रवाह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। होली के त्योहार से पहले यह स्थिति उनके लिए अतिरिक्त चुनौती बन गई है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि केवल अत्यावश्यक मामलों में ही भुगतान की अनुमति दी जाए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
जहां सरकार इसे अस्थायी और वित्तीय संतुलन के लिए जरूरी कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राज्य की आर्थिक स्थिति से जोड़कर सवाल उठा रहा है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद सामान्य भुगतान प्रक्रिया बहाल कर दी जाएगी।

