Makar Sankranti 2026: इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना पूरे साल भुगतना पड़ सकता है नुकसान!
Tuesday, Jan 13, 2026-08:02 PM (IST)
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख और शुभ त्योहार है, जो सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश और दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर बढ़ने का प्रतीक है। यह फसल कटाई का उत्सव भी है और इसे खिचड़ी पर्व, तिल संक्रांति या उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन स्नान, सूर्य उपासना, दान और खिचड़ी जैसे सात्विक भोजन का विशेष महत्व होता है।
2026 में मकर संक्रांति कब है?
यह त्योहार 14 जनवरी 2025 (बुधवार) को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, सूर्य देव सुबह करीब 9:03 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे, और पुण्य काल सुबह 9:03 से शाम 5:46 बजे तक रहेगा।
यह दिन सूर्य की ऊर्जा से भरपूर होता है, इसलिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी है।
शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन की छोटी-मोटी गलतियां भी पूरे साल तक असर डाल सकती हैं। आइए जानते हैं उन प्रमुख बातों से बचने के बारे में, जो इस पावन दिन पर वर्जित मानी जाती हैं:
1. दक्षिण दिशा की यात्रा न करें
इस दिन सूर्य उत्तरायण की ओर बढ़ते हैं, इसलिए दक्षिण दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है। यह सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा का विरोध करने जैसा है, जिससे आर्थिक नुकसान या परेशानियां आ सकती हैं। यदि मजबूरी हो तो पहले सूर्य को अर्घ्य दें।
2. क्रोध, झूठ और नकारात्मक व्यवहार से दूर रहें
शांत और सत्य का पालन करें। क्रोध, झगड़े, हिंसा या झूठ बोलना सूर्य देव को रुष्ट कर सकता है। इस दिन संकल्प लें कि हमेशा सत्य और प्रेम से रहेंगे, ताकि सूर्य की कृपा बनी रहे।
3. तामसिक भोजन और मदिरा का सेवन न करें
यह पर्व सात्विकता का प्रतीक है। घर पर मांसाहार, मदिरा, लहसुन-प्याज या भारी तामसिक भोजन से पूरी तरह बचें। सात्विक भोजन जैसे खिचड़ी, तिल के लड्डू और गुड़ का सेवन करें।
4. काले तिल का दान न करें
तिल का दान और सेवन इस दिन बहुत पुण्यदायी है (इसलिए इसे तिल संक्रांति भी कहते हैं), लेकिन काले तिल का दान न करें। काले तिल का संबंध शनिदेव से है, जबकि यह पर्व सूर्य उपासना का है। इससे सूर्य-शनि के टकराव का अशुभ प्रभाव पड़ सकता है। सफेद तिल, गुड़ या खिचड़ी का दान करें।
5. अन्य सामान्य सावधानियां
- बिना स्नान किए भोजन या पूजा न करें।
- सूर्यास्त के बाद भोजन से बचें।
- दान में काले कपड़े, पुरानी चीजें या तेल न दें।
यह त्योहार नई शुरुआत, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। सूर्य को अर्घ्य देकर, स्नान करके और दान करके आप पूरे साल खुशहाली और स्वास्थ्य की कामना कर सकते हैं।

