Dhanbad News: सरस्वती पूजा का प्रसाद बना बीमारी की वजह, 200 ग्रामीणों को लगवानी पड़ी एंटी रेबीज वैक्सीन

Thursday, Jan 29, 2026-11:59 AM (IST)

Dhanbad News: टुंडी प्रखंड के लोधरिया गांव में कुत्ते द्वारा जूठा किए गए प्रसाद को खाने से 200 से अधिक ग्रामीण बीमार हो गए। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। मामले की जानकारी मिलते ही लोगों में डर फैल गया और सभी एंटी रेबीज वैक्सीन लेने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों की ओर दौड़ पड़े, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

200 लोगों में बांटा गया कुत्ते का जूठा प्रसाद 
गांव में 23 जनवरी को सरस्वती पूजा के मौके पर बुंदिया, चूड़ा और फलों का प्रसाद तैयार किया गया था। इसी दौरान कुछ कुत्तों ने आकर प्रसाद जूठा कर दिया। पूजा पंडाल में मौजूद बच्चों ने यह बात किसी को नहीं बताई। इसके बाद वही प्रसाद गांव के करीब 200 लोगों में बांट दिया गया। बाद में जब लोगों को प्रसाद के जूठा होने की जानकारी मिली तो गांव में अफरा-तफरी मच गई। डर के कारण लोग तुरंत इलाज की तलाश में जुट गए। मामले की जानकारी मिलने पर टुंडी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्रवण कुमार ने सभी को एंटी रेबीज वैक्सीन लेने की सलाह दी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने लगे। यहीं से स्वास्थ्य विभाग की तैयारी की पोल खुल गई।

अभी भी करीब 200 लोगों को टीका की जरूरत है
27 जनवरी को लोधरिया गांव में सिर्फ 30 लोगों को वैक्सीन दी गई। अगले ही दिन टीका खत्म हो गया। इसके बाद सदर अस्पताल धनबाद से 50 वैक्सीन मंगाई गई। बुधवार को टुंडी सीएचसी में 50 लोगों को टीका लगाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अभी भी करीब 200 लोगों को टीका की जरूरत है। इसे देखते हुए सीएचसी प्रभारी ने मुख्यालय से लगभग 200 वैक्सीन की मांग की है। बुधवार को टुंडी सीएचसी में लोगों को बुला तो लिया गया, लेकिन वहां कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉ. श्रवण कुमार सहित अन्य डॉक्टर मौजूद नहीं थे। केवल एक डॉक्टर डॉ. रित्विक लोचन ही वहां ड्यूटी पर थे। रजिस्ट्रेशन के लिए भी कोई कर्मचारी नहीं था। बच्चे भूख-प्यास से रोने लगे, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और स्वास्थ्य केंद्र में हंगामा शुरू हो गया। मजबूरी में लोगों ने खुद रजिस्टर निकालकर मरीजों के नाम लिखना शुरू किया।

ग्रामीणों ने बताया कि टुंडी सीएचसी में नियमित रूप से सिर्फ एक ही डॉक्टर आते हैं। प्रभारी डॉक्टर डॉ. श्रवण कुमार प्रखंड मुख्यालय में न रहकर धनबाद शहर में रहते हैं। इस मामले पर टुंडी के अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद बरनवाल ने कहा कि सभी सरकारी कर्मचारियों का मुख्यालय में रहना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि वह इस पूरे मामले की जानकारी उप विकास आयुक्त को देंगे।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Khushi

Related News

static