सारंडा में नक्सली आत्मसमर्पण करें या कड़े प्रहार के लिए रहें तैयार: DGP तदाशा मिश्रा

Sunday, Jan 25, 2026-10:54 AM (IST)

Ranchi News: झारखंड के दुर्गम सारंडा जंगल क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए बड़े अभियान में सुरक्षा बलों को मिली ऐतिहासिक सफलता के बाद पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने नक्सलियों को कड़ा संदेश दिया है।

"यह केवल एक मुठभेड़ नहीं, बल्कि..."
मिश्रा ने कहा कि अब नक्सलियों के पास केवल दो ही रास्ते बचे हैं - आत्मसमर्पण करें या फिर कानून के कड़े प्रहार के लिए तैयार रहें। डीजीपी ने दावा किया कि सारंडा बहुत जल्द पूरी तरह नक्सल मुक्त होगा। डीजीपी ने शनिवार को चाईबासा में आयोजित विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्रवाई को राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक सफलता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मुठभेड़ नहीं, बल्कि नक्सली संगठनों के शीर्ष नेतृत्व और पूरे नेटवर्क पर सीधा, रणनीतिक और निर्णायक प्रहार था। मिश्रा ने बताया कि खुफिया एजेंसियों से मिली ठोस जानकारी के आधार पर छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुमडीह और बहवा इलाके में व्यापक घेराबंदी की गई थी। 22 और 23 जनवरी की रात से शुरू हुए इस संयुक्त अभियान में झारखंड पुलिस, कोबरा बटालियन और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने कई दौर की मुठभेड़ों में नक्सलियों को करारा जवाब दिया।

"अब तक कुल 17 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं"
मिश्रा ने बताया कि इस ऑपरेशन में एक करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली अनल उफर् पतिराम मांझी और 25 लाख के इनामी अनमोल को मार गिराया गया है, जो नक्सली संगठनों के लिए बड़ा झटका है। डीजीपी ने जवानों की बहादुरी, संयम और अनुशासन की सराहना करते हुए इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। डीजीपी ने जानकारी दी कि इस अभियान में अब तक कुल 17 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार भी जब्त किए हैं, जिनमें एके-47 और इंसास राइफलें शामिल हैं। मारे गए नक्सलियों में अनल (सीसीएम), अनमोल (बीजेएसएसी), अमित मुंडा (आरसीएम), पिंटू लोहरा और लालजीत जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक ऐतिहासिक टर्निंग पॉइंट बताया।

मिश्रा ने कहा कि शीर्ष नक्सली दस्ते के सफाए के बाद अब सारंडा के सुदूर और पिछड़े इलाकों में विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा। जिन क्षेत्रों को पहले नक्सलियों का गढ़ माना जाता था, वहां नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि स्थायी शांति और विकास का माहौल बन सके। प्रेस वार्ता में सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह, आईजी अभियान एस. माइकल राज, डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, एसपी अमित रेनू सिंह सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।


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Khushi

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