बोकारो के गोमिया में हाथी के आतंक से 2 दिनों में पांच मौतों से उबाल, वन विभाग ने बुलाई बंगाल से स्पेशल टीम
Monday, Feb 09, 2026-05:28 PM (IST)
Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड में हाथियों के हमले ने भयावह रूप ले लिया है। बीते दो दिनों में हाथी हमलों में पांच लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। गुस्साए ग्रामीणों ने घटनास्थल पर पहुंची वन विभाग की टीम को घेर लिया। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हस्तक्षेप कर ग्रामीणों को शांत कराया।
लगातार हो रही घटनाओं के मद्देनजर वन विभाग ने बड़े कदम उठाए हैं। हाथियों के नियंत्रण और निगरानी के लिए पश्चिम बंगाल से 19 सदस्यों की एक विशेष विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है। इसके साथ ही संभावित इलाकों में मशाल की व्यवस्था, रात्रि गश्ती और लगातार पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है। ग्रामीणों को विशेष रूप से रात के समय घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने जंगल और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है, ताकि हाथियों की गतिविधियों पर पल-पल नजर रखी जा सके। इसके अलावा छह क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) तैनात की गई हैं, जो गांव-गांव जाकर लोगों से संपकर् कर रही हैं, स्थिति की जानकारी जुटा रही हैं और जरूरत पड़ने पर तत्काल अलर्ट जारी कर रही हैं।
बोकारो के डीएफओ संदीप शिंदे ने बताया कि गोमिया क्षेत्र में लगभग 42 हाथियों का एक बड़ा दल विचरण कर रहा है, जो आपस में बिछड़कर अब छोटे-छोटे झुंडों में बंट गया है। उन्होंने कहा कि पांच हाथियों का एक झुंड लगातार इस क्षेत्र में घूम रहा है और प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हालिया हमले इसी झुंड द्वारा किए गए हैं। डीएफओ शिंदे के अनुसार, इन पांच हाथियों को लुगु पहाड़ी के जंगल में देखा गया है। इस जंगल से सटे आसपास के गांवों को चिन्हित कर लिया गया है, जहां वन विभाग की टीमें चौबीसों घंटे निगरानी बनाए हुए हैं। जैसे ही किसी क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलती है, विभाग तुरंत ग्रामीणों को सतर्क करता है, ताकि जान-माल की क्षति को रोका जा सके। प्रशासन और वन विभाग का कहना है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। हालांकि, लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में डर के साथ-साथ नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।

