कमर्शियल गैस संकट: टाटानगर रेलवे अस्पताल का किचन बंद, रनिंग रूम में लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा भोजन

Saturday, Mar 14, 2026-12:12 PM (IST)

Jharkhand News: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है। कमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी के कारण रेलवे की भोजन व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। कई जगहों पर गैस की जगह इलेक्ट्रिक या लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेकर खाना बनाया जा रहा है।

लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाया जा रहा
कमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी का असर अब रेलवे की व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। ट्रेनों के पेंट्री कार में पिछले तीन दिनों से गैस उपलब्ध नहीं होने के कारण रेल यात्रियों के लिए खाना इलेक्ट्रिक चूल्हों पर बनाया जा रहा है। इधर, गैस की किल्लत के कारण चक्रधरपुर रेल मंडल के टाटानगर रेलवे अस्पताल के किचन को बंद करने का नोटिस जारी कर दिया गया है। अस्पताल के एसीएमएस ने 14 मार्च से किचन बंद रखने की सूचना दी है। वहीं चक्रधरपुर रेल मंडल के करमपदा रनिंग रूम में इन दिनों रेल कर्मचारियों के लिए लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाया जा रहा है। पिछले दो दिनों से लोको पायलट, गार्ड और अन्य रनिंग कर्मचारियों के लिए पारंपरिक तरीके से खाना तैयार किया जा रहा है।

"लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने में ज्यादा समय लगता है"
इस व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने में ज्यादा समय लगता है, जिससे भोजन देर से तैयार होता है। वहीं कुछ कर्मचारियों का मानना है कि लकड़ी के चूल्हे पर बना खाना पहले से ज्यादा स्वादिष्ट लग रहा है। ऐसी ही स्थिति बंडामुंडा, डुमरता और राउरकेला के रनिंग रूम में भी देखने को मिल रही है। यहां गैस की कमी के कारण इलेक्ट्रिक चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है। फिलहाल रेलवे प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए भोजन व्यवस्था को जारी रखने की कोशिश कर रहा है। हालांकि हालात कब सामान्य होंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Khushi

Related News

static