झारखंड में 108 Ambulance सेवा फेल, तेल खत्म होने से बीच सड़क पर बंद हुई एंबुलेंस; मरीज की अटकी सांसें

Saturday, Feb 07, 2026-12:21 PM (IST)

Jharkhand News: झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। समय पर इलाज के लिए ले जाई जा रही एक महिला की जान खतरे में पड़ गई, जब बीच रास्ते एंबुलेंस का तेल खत्म हो गया और वाहन बंद हो गया।

काफी प्रयास के बाद भी दोबारा स्टार्ट नहीं हुई एंबुलेंस
दरअसल, पटमदा प्रखंड के अगुईडॉगरा गांव की रहने वाली सावित्री सिंह (45) को गुरुवार शाम करीब 4 बजे गंभीर हालत में इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया जा रहा था। उन्हें 108 एंबुलेंस संख्या जेएच01सीजे-8238 से अस्पताल भेजा गया था, लेकिन टाटा–पटमदा मुख्य सड़क पर धूसरा गांव के पास अचानक एंबुलेंस का तेल खत्म हो गया, जिससे वाहन बीच रास्ते ही बंद हो गया। काफी प्रयास के बाद भी एंबुलेंस दोबारा स्टार्ट नहीं हो सकी। सड़क पर एंबुलेंस खराब हो जाने से मरीज की हालत और बिगड़ गई। करीब एक घंटे तक सड़क पर फंसे रहने के बाद एमजीएम अस्पताल से संपर्क कर दूसरी 108 एंबुलेंस मंगाई गई। इसके बाद मरीज को अस्पताल भेजा जा सका।

सावित्री सिंह ने बताया कि उन्हें लगातार उल्टी और दस्त हो रहे थे, जिससे वे बहुत कमजोर हो गई थीं। उनके रिश्तेदार रविंद्र सिंह ने 108 नंबर पर कॉल कर बोड़ाम के लावजोड़ा पीएचसी से एंबुलेंस मंगवाई थी। एंबुलेंस चालक कामदेव महतो ने बताया कि वाहन की हालत पहले से ही खराब थी और मरम्मत के अभाव में अक्सर चलते-चलते बंद हो जाती है। वहीं, एंबुलेंस में मौजूद टेक्नीशियन गणेश कौशल महतो ने भी वाहन की खराब स्थिति की पुष्टि करते हुए तत्काल मरम्मत की जरूरत बताई। उन्होंने यह भी कहा कि 24 घंटे सेवा देने के बावजूद एंबुलेंस कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में 108 एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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Content Editor

Khushi

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