विदेशी निवेशक भी झारखंड में निवेश के लिए उत्साहित नजर आ रहे: CM हेमंत सोरेन

Friday, Feb 06, 2026-10:28 AM (IST)

Koderma News: झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम शामिल होने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बीते गुरुवार को कोडरमा के लोकाई मैदान पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष शालिनी गुप्ता की अगुवाई में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने जेएमएम की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पार्टी का पट्टा देकर सभी का स्वागत किया। मुख्यमंत्री के पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत से पूर्व सभी ने शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू समेंत अन्य नेता भी उपस्थित थे।

"लोगों का विश्वास जेएमएम के प्रति विश्वास बढ़ा है"
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि मइयां सम्मान योजना के जरिए राज्य की महिलाएं सशक्त हो रही है। विकास की पटरी पर राज्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। विदेशी निवेशक भी राज्य में निवेश के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं और इसका दूरगामी परिणाम भी देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास जेएमएम के प्रति विश्वास बढ़ा है और लोग पार्टी के सदस्यता ग्रहण करते हुए पार्टी के प्रति अपनी श्रद्धा जता रहे हैं। सोरेन खनिज मामलों में धनी राज्य झारखंड यदि इन संसाधनों को दूसरे राज्यों में भेजने पर पांबदी लगा दे तो देश की आर्थिक स्थिति कमजोर हो जायेगी। सोरेन ने झामुमो में शामिल हुए लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि कोडरमा जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने राजनीतिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाते हुए एक और कड़ी जोड़ रही है। एक लंबे समय के बाद अलग अपना राज्य बना। 25वां साल का यह झारखंड प्रदेश बिहार के एक कोने में बसता था, नतीजा झारखंड प्रदेश कई मायनो में पिछड़ा रहता था। आजादी के लिए भारत देश को कितना संघर्ष करना पड़ा, वो आप सबको पता है। कितने लोग जेल गए, ना जाने कितने लोग देश के लिए कुरबान हो गए। ठीक उसी प्रकार जब ये भारत देश आज़ादी का सपना भी नहीं देखा था उससे कई वर्षों आगे से झारखंड में यहां के आदिवासी मूलवासी अंग्रेजों से लोहा लेते रहे। हजारीबाग जेल से लेकर झारखंड के हर कोने के जेल झारखंड के आंदोलनकारियों से भरा पड़ा था, तब ये राज्य मिला। यह ऐसा राज्य है जिसने सदियों से सिर्फ देने का काम किया।

"झारखंड, बिहार को लोगों ने मजदूर बनाके छोड़ दिया"
सोरेन ने कहा कि कोयला, लोहा, अबरख सारा कुछ हम लोग दिया। हमारे खनिज संपदा से दिल्ली, मुंबई, गुजरात चमकता रहा। हम लोग अंधकार में गरीबी में रहने को मजबूर हुए और योजनाबद्ध तरीके से झारखंड को गरीब राज्य बनाने का काम किया गया। देश के आजाद होने के बाद कारखाने उद्योग लगे, लेकिन दुर्भाग्य उसका लाभ हमारे झारखंड के भाइयों को नहीं मिला। झारखंड गरीब है वो इसलिए गरीब है कि और राज्यों को आगे बढ़ाना है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात तो आगे बढ़ाना है तो वाहन चलाएगा कौन, सड़क, बिल्डिंग बनाएगा कौन, फैक्ट्री चलेगा तो उसको चलाएगा कौन। उसके लिए तो मजदूर चाहिए इसीलिए झारखंड, बिहार को लोगों ने मजदूर बनाके छोड़ दिया, लेकिन अब झारखंड बदल रहा है, झारखंड को वैश्विक मंच पर पहुंचाने का काम किया, विदेश में यहां के नौजवान पढ़ाई कर रहे हैं। सोरेन ने यह भी कहा कि शालिनी गुप्ता के नेतृत्व में मजबूती मिलेगी। अब दो आंख और होगी और हम और अच्छे तरीके से कोडरमा को देख सकेंगे। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Khushi

Related News

static