Bihar News: DPS छात्रों की पेंटिंग्स से सजी राजधानी, ‘स्याही और रंगों से सज्जित पटना’ कैलेंडर का हुआ उद्घाटन

Friday, Jan 16, 2026-06:03 PM (IST)

Bihar News: क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) पटना और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) क्षेत्रीय कार्यालय पटना ने बिहार के आम नागरिकों तक कला और शिल्प को पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और रचनात्मक पहल की है। विदेश मंत्रालय के अधीन इन दोनों संस्थानों ने दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) पटना और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) बिहार के सहयोग से चित्रकला और खादी को बढ़ावा देने हेतु संयुक्त कार्यक्रम का आयोजन किया। 

DPS पटना के छात्रों ने बनाया ‘स्याही और रंगों से सज्जित पटना’ कैलेंडर 

ICCR और RPO पटना की प्रमुख स्वधा रिज़वी (2011 बैच, भारतीय विदेश सेवा) के मार्गदर्शन में DPS पटना के छात्रों को “स्याही और रंगों से सज्जित पटना” विषय पर एक विशेष डेस्कटॉप कैलेंडर तैयार करने का कार्य सौंपा गया। कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई 24 पेंटिंग्स और स्केचों में पटना शहर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आधुनिक स्वरूप को सजीव रूप में दर्शाया गया है। इन कलाकृतियों में मरीन ड्राइव, पटना साहिब गुरुद्वारा, सामान्य डाकघर, AIIMS पटना, बिहार संग्रहालय, पटना मेट्रो निर्माण कार्य और जगदेव पथ की कुल्हड़ चाय जैसे दैनिक जीवन के दृश्य प्रमुख रूप से शामिल हैं। 

युवा कलाकारों की भावनाओं में सजा पटना 

छात्रों ने अपनी पेंटिंग्स के साथ भावनात्मक और रचनात्मक विवरण भी प्रस्तुत किए हैं। एक छात्रा ने मरीन ड्राइव को गंगा तट की अलौकिक शांति का प्रतीक बताया, वहीं AIIMS पटना पर बनी एक पेंटिंग में इसे “आशा और जीवन निर्माण का मंदिर” कहा गया है। इन 24 पेंटिंग्स को पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) पटना में प्रदर्शित किया गया है, जहाँ प्रतिदिन लगभग 1500 पासपोर्ट आवेदक इन युवा कलाकारों की कल्पनाओं के माध्यम से पटना को एक नए दृष्टिकोण से देख पा रहे हैं। इस अवसर पर स्वधा रिजवी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और आम जनता को कला से जोड़ना है। 

KVIC की खादी प्रदर्शनी, ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा 

कार्यक्रम के तहत KVIC बिहार द्वारा पासपोर्ट सेवा केंद्र परिसर में एक महीने के लिए खादी उत्पादों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। KVIC बिहार के निदेशक डॉ. एम.एच. मेवाती ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यहां खादी वस्त्र, प्राकृतिक कॉस्मेटिक उत्पाद, हस्तशिल्प और अन्य पर्यावरण-अनुकूल, हाथ से बने उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। 

ग्रामीण कारीगरों और महिला उद्यमियों को सीधा लाभ 

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी स्वधा रिजवी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बिहार के आम लोगों को ग्रामीण कारीगरों, महिला उद्यमियों और सूक्ष्म उद्यमियों से सीधे जोड़ना है, जो आत्मनिर्भर भारत और “वोकल फॉर लोकल” अभियान के अनुरूप है।


 


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Ramanjot

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