पटनाः छठ के मद्देनजर गंगा नदी में नहीं चलाई जाएगी नौका, जिलाधिकारी ने लगाई रोक

11/10/2021 1:11:20 PM

पटनाः लोक आस्था के महापर्व छठ का आज तीसरा दिन है। इसे लेकर राजधानी पटना भक्तिमय हो गई है। लोगों में उत्साह और रौनक दिखाई दे रही है। वहीं पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने छठ के मद्देनजर गंगा में नौका चलाने पर भी रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि छठ घाट तैयार हो गए हैं। व्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। 

CCTV कैमरों से रखी जाएगी नजर 
शांति एवं विधि-व्यवस्था के साथ-साथ दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, पुलिस बल से साथ-साथ गोताखोर, चिकित्सा दल, एम्बुलेंस के साथ चिकित्सक एवं विद्युत विभाग के पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति गंगा नदी के विभिन्न घाटों पर की गई है। घाटों के ऊपरी हिस्से में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। टावर पर तैनात कर्मी सीधे नियंत्रण कक्ष से जुड़ा रहेगा। घाटों पर आतिशबाजी पर प्रतिबंध रहेगा। घाटों पर सफाई के साथ रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। 

CM नीतीश ने किया गंगा घाटों का निरीक्षण
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गंगा घाटों का निरीक्षण किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि छठ घाटों तक व्रतियों के पहुंचने की सुविधा एवं सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध रखें। खतरनाक एवं दललदल घाटों पर लोगों के आवागमन पर पूर्णत: पाबंदी हो। छठ पूजा के दौरान गंगा घाटों पर वॉच टावर से सतत निगरानी रखी जाए। गंगा के जलस्तर को देखते हुए घाटों की घेराबंदी सुनिश्चित करें। छठ व्रतियों एवं उनके परिजनों की सुविधा के लिए घाटों पर पर्याप्त संख्या में नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था हो। इस बार काफी अच्छी संख्या में गंगा तटों पर छठ घाटों का निर्माण कराया गया है और लोगों की सुरक्षा एवं सुविधा का पुख्ता प्रबंध किया गया है। उन्होंने लोगों से सछ्वाव से छठ पर्व मनाने की अपील की तथा उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं। 

आज सूर्य को दिया जाएगा पहला अर्घ्य 
गौरतलब है कि छठ महापर्व के चार दिवसीय अनुष्ठान के दूसरे दिन कल व्रतियों ने निष्ठा और पवित्रता के साथ भगवान भाष्कर की पूजा-अर्चना करके खरना किया। भगवान भाष्कर को गुड़ मिश्रित खीर और घी की रोटी का भोग लगाकर स्वयं भी ग्रहण किया। साथ ही भाई-बंधु, मित्र और परिचितों में खरना प्रसाद बांटा। आज अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा। कल उदयीमान सूर्य को अर्घ्य के बाद पारण के साथ महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान पूरा हो जाएगा।


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Ramanjot

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