दरभंगा: अबोध की हत्या के मामले में 7 महिलाओं को सश्रम उम्रकैद

4/20/2022 6:03:53 PM

 

दरभंगाः बिहार में दरभंगा जिले की एक सत्र अदालत ने हत्या के मामले में आज 7 महिलाओं को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। नवम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार सिंह की अदालत ने एक अबोध बालिका की निर्मम हत्या के जुर्म में सात महिलाओं को आजीवन सश्रम कारावास के साथ जुर्माना भी किया। सभी हत्या अभियुक्तों के महिला होने को देखते हुए अभियोजन पक्ष का संचालन का दायित्व महिला अपर लोक अभियोजक रेणु झा को सौंपा गया।

झा ने मामले के संबंध में बताया कि 12 सितम्बर 2009 को जिले के हायाघाट थाना क्षेत्र के छतौना गांव के योगेन्द्र यादव ने अपने गांव के ही गोतिया (रिश्तेदार) सात महिलाओं के विरुद्ध अपनी बेटी की हत्या की प्राथमिकी (कांड संख्या 86/2009) इसी थाने में दर्ज करवाया था। प्राथमिकी में अपनी 10 वर्षीय पुत्री राजबंती को मारपीट कर जख्मी करने का आरोप लगाया था। मारपीट से अबोध बच्ची बेहोश हो गई थी, जिसे बेहोशी अवस्था में हॉस्पिटल लाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले का सत्र वाद संख्या 436/10 के तहत विचारण प्रारंभ हुआ। अभियोजन पक्ष क संचालन करते हुए अपर लोक अभियोजक झा ने हत्या के अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष से 10 गवाहों की गवाही करवाई। वहीं, बचाव पक्ष ने इस मामले में 9 गवाहों की गवाही करवाया।

अपर लोक अभियोजक झा के बहस पश्चात अदालत ने 10 वर्षीय अबोध बच्ची की निर्मम तरीके से हत्या में छतौना गांव निवासी बुच्ची देवी, मुनर देवी, मनभोगिया देवी, सीता देवी, इन्दु देवी, चधुरन देवी एवं भुखली देवी को भारतीय दंड विधान की धारा 302 (हत्या) में आजीवन सश्रम कारावास की सजा और 10 हजार रुपए अर्थदण्ड एवं भारतीय दंड विधान की धारा 147 में एक साल की कारावास की सजा सुनाई है।
 


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Nitika

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