शादी का झांसा देकर 7 साल तक किया शोषण. 4 बार अबॉर्शन कराया, 5वीं बार प्रेग्नेंट हुई तो....

Monday, Mar 09, 2026-11:18 AM (IST)

Darbhanga News : बिहार के दरभंगा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने अपने लिव-इन पार्टनर पर सात साल तक यौन शोषण करने, जबरन चार बार गर्भपात कराने और अब पांच महीने की गर्भवती होने पर मारपीट कर घर से निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। जातिगत भेदभाव और प्रताड़ना की यह कहानी अब पुलिस की फाइलों तक पहुंच चुकी है। 

गार्ड की नौकरी से शुरू हुआ 'छलावे' का सफर 

मामले की शुरुआत साल 2019 में हुई। पीड़िता सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली है और उस वक्त एक ऑनलाइन एग्जाम सेंटर में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करती थी। वहीं उसकी मुलाकात बरहेता निवासी आदर्श कुमार उर्फ आदर्श सिंह से हुई। पीड़िता के अनुसार, आदर्श ने शादी का झांसा देकर उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया। विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने सात सालों के दौरान करीब 11 बार किराए के मकान बदले और पड़ोसियों के सामने पीड़िता को अपनी पत्नी बताकर पेश किया। 

क्रूरता की हदें: 4 बार गर्भपात और नशे में दरिंदगी 

पीड़िता का आरोप है कि 2019 से 2026 के बीच वह चार बार गर्भवती हुई, लेकिन हर बार आदर्श ने डरा-धमकाकर उसका गर्भपात करा दिया। वर्तमान में वह पांच महीने की गर्भवती है। घटनाक्रम ने 22 फरवरी की रात को हिंसक मोड़ ले लिया। आरोप है कि आदर्श शराब की तीन बोतलें लेकर कमरे पर पहुंचा और पांचवीं बार गर्भपात कराने का दबाव बनाने लगा। मना करने पर उसने पीड़िता की बेरहमी से पिटाई की और आधी रात को बाल पकड़कर उसे सड़क पर फेंक दिया। 

मकान मालिक का रवैया और बेबसी 

पीड़िता की मुसीबतें यहीं कम नहीं हुईं। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी के साथ मिलीभगत कर मकान मालिक ने भी कमरे में ताला जड़ दिया, जिससे उसके कपड़े और जरूरी सामान अंदर ही रह गए। पिछले कई दिनों से पीड़िता भूखी-प्यासी सड़कों पर न्याय के लिए भटक रही है। 

जातिगत प्रताड़ना और परिवार का इनकार 

जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी उसे अपनी बहन की शादी का वास्ता देकर टालता रहा। लेकिन जब वह उसके घर पहुंची, तो आरोपी के परिजनों ने उसे जाति के नाम पर प्रताड़ित किया। पीड़िता का दावा है कि उसके साथ मारपीट की गई और कहा गया कि "दूसरी जाति की लड़की के लिए उनके घर में कोई जगह नहीं है।" 

SSP के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई FIR 

पीड़िता का आरोप है कि वह पांच दिनों तक महिला थाने के चक्कर लगाती रही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः दरभंगा SSP से गुहार लगाने के बाद मामला दर्ज किया गया। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए DMCH भेजा गया है, जहां नर्सों ने उसकी पांच महीने की गर्भावस्था को देखते हुए स्थिति को जोखिम भरा बताया है।


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Ramanjot

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