देश के इस राज्य में बर्ड फ्लू से मचा हड़कंप, 4575 मुर्गियों को मारा गया
Saturday, Feb 28, 2026-11:24 AM (IST)
Bihar Desk : बिहार में कोरोना के बाद अब 'बर्ड फ्लू' (H5N1) ने सरकार और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी पटना के कई महत्वपूर्ण इलाकों में पक्षियों की मौत के बाद हुई जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। स्थिति की गंभीरता को राज्य सरकार द्वारा देखते हुए प्रदेशव्यापी अलर्ट जारी किया है और पशुपालन विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
इन इलाकों में मिले संक्रमित पक्षी
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, पटना की पीसी कॉलोनी (कंकड़बाग), जू-सेक्टर पार्क और पटना हाई कोर्ट परिसर में पिछले दिनों कई कौए और मुर्गियां मृत पाई गई थीं। इनके सैंपल भोपाल स्थित लैब भेजे गए थे, जहाँ की रिपोर्ट में वायरस की पुष्टि हुई है। संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों के आसपास अब तक 4,575 मुर्गियों को मारकर दफनाया गया है। साथ ही 9662 अंडे और 530 किलो दाना नष्ट किया।
पर्यटकों के लिए 7 मार्च तक बंद हुआ पटना जू
संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) प्रशासन ने एहतियात के तौर पर चिड़ियाघर को 7 मार्च तक के लिए आम जनता के लिए बंद कर दिया है। जू परिसर में पक्षी वार्ड को पूरी तरह सैनिटाइज किया जा रहा है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम हर पक्षी की निगरानी कर रही है। मिट्टी और पानी के नए सैंपल भी विस्तृत जांच के लिए भेजे गए हैं।
प्रशासन की लोगों से अपील
सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि यह वायरस संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से इंसानों में भी फैल सकता है। बता दें कि बीमार पक्षी को छूने, उनकी लार या बीट के संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा रहता है। पक्षियों के पंख फड़फड़ाने या छींकने से वायरस के कण हवा में मिलकर सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। पशुपालन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी पक्षी मृत अवस्था में मिलें, तो उन्हें हाथ न लगाएं और तुरंत स्थानीय प्रशासन या पशु अस्पताल को सूचित करें। प्रभावित इलाकों में संक्रमण रोधी दवाओं का छिड़काव युद्ध स्तर पर जारी है।

