'चलो देखते हैं मरते हैं या बचते हैं...', मजाक मजाक में 5 सहेलियों ने उठाया खौफनाक कदम, 4 की मौत; बची एक ने सुनाई रूह कंपाने वाली दास्तां
Saturday, Feb 14, 2026-09:56 AM (IST)
Bihar News : बिहार के औरंगाबाद जिले में एक खौफनाक वारदात की खबर सामने आई है। 'जिंदा बचेंगे या मरेंगे' के एक सनकी प्रयोग ने चार नाबालिग लड़कियों की जान ले ली। इस घटना में बची एक लड़की ने जो हकीकत बयां की है, उसे सुनकर रोंगटे खड़े हो रहे हैं।
खेत में मौत का 'डार्क एक्सपेरिमेंट'
मिली जानकारी के अनुसार, घटना औरंगाबाद के मोती बिगहा गांव की है। 29 जनवरी को पांच सहेलियां घर से बाहर निकली थीं, लेकिन उनमें से चार कभी वापस नहीं लौटीं। जिंदा बची 14 वर्षीय किशोरी ने बताया कि वे सभी गांव के एक सुनसान खेत में गई थीं। वहां उन्होंने बगुले को मारने वाला जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। सभी लड़कियों ने कहा कि इसे खाकर देखते हैं कि हम जिंदा बचेंगे या मर जाएंगे। वहीं जहर का सेवन करने के बाद चारों सहेलियां की जान चली गई।
कैसे बची पांचवीं सहेली?
बची हुई लड़की ने बताया कि उसने जहर की बहुत कम मात्रा ली थी और उसे तुरंत थूक दिया था। वह बुरी तरह डर गई और घर भाग गई। वहां परिजनों ने सूझबूझ दिखाते हुए उसे नीम के पत्तों का घोल पिलाकर उल्टी करवाई, जिससे उसका जहर बाहर निकल गया और उसकी जान बच गई।
जानें घटना के बारे पुलिस का क्या कहना?
इस घटना को लेकर दाउदनगर SDPO अशोक कुमार दास ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि सरस्वती पूजा की शाम लड़कियों को कुछ लड़कों के साथ देखा गया था। परिजनों की डांट और सामाजिक शर्म के कारण पांचों ने सामूहिक आत्महत्या का कदम उठाया। हालांकि, मृत लड़कियों के पिता ने पुलिस के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। परिजनों का कहना है कि यह केवल बच्चों की नासमझी और प्रयोग का नतीजा था। गांव में एक साथ चार चिताएं जलीं, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया।

