लंबी दूरी की ट्रेनों में खत्म होगी गंदे बेड रोल की शिकायत, रेलवे ने लागू की नई व्यवस्था
Wednesday, Feb 04, 2026-01:23 PM (IST)
Jharkhand News: एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत गंदे या पहले से इस्तेमाल किए गए बेड रोल को लेकर रहती है। खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों में यह परेशानी ज्यादा देखने को मिलती है। अब रेलवे ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया है, जिससे यात्रियों को साफ और स्वच्छ बेडशीट व कंबल मिल सकेंगे।
यात्रियों को साफ बेडशीट और कंबल मिलने में आसानी होगी
जी हां, लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले एसी यात्रियों को अब गंदे बेड रोल की शिकायत नहीं होगी। रेलवे ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है, जिसके तहत ट्रेनों में दोनों ओर से बेड रोल चढ़ाए जाएंगे। पहले चरण में यह सुविधा देश की 42 ट्रेनों में शुरू की जा रही है। इनमें धनबाद से कोल्हापुर जाने वाली दीक्षाभूमि एक्सप्रेस भी शामिल है। अब तक ट्रेन के शुरू होने वाले स्टेशन (ओरिजनेटिंग स्टेशन) से ही पूरी यात्रा के लिए बेड रोल चढ़ा दिए जाते थे। इससे साफ और इस्तेमाल किए गए बेड रोल को अलग रखना मुश्किल हो जाता था। लंबी दूरी की ट्रेनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती थी। नई व्यवस्था के तहत अब ट्रेन के शुरू होने वाले स्टेशन और गंतव्य स्टेशन, दोनों जगह से अलग-अलग बेड रोल चढ़ाए जाएंगे। इससे यात्रियों को साफ बेडशीट और कंबल मिलने में आसानी होगी। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर (पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग मैनेजमेंट) दिनेश मोहन सिंह ने सभी जोनल रेलवे को आदेश जारी कर दिया है।
नई प्रीमियम ट्रेनों में भी लागू होगी व्यवस्था
रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि भविष्य में शुरू होने वाली नई प्रीमियम ट्रेनों में भी इस व्यवस्था को लागू किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित जोनल रेलवे को आपसी समन्वय करने को कहा गया है। साथ ही यात्रियों और बेड रोल बांटने वाले कर्मचारियों से समय-समय पर फीडबैक लेने और व्यवस्था की निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह सुविधा इंटरकनेक्टेड ट्रेनों में भी लागू होगी। जैसे धनबाद-पटना-दुमका रूट पर चलने वाली गंगा-दामोदर एक्सप्रेस, धनबाद-पटना इंटरसिटी और पटना-सिंगरौली एक्सप्रेस। इन ट्रेनों में भी अब नई लीनन व्यवस्था लागू की जाएगी। देश की सबसे लंबी दूरी की ट्रेन डिब्रूगढ़-कन्याकुमारी विवेक एक्सप्रेस में इस नई व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। यह ट्रेन 74 घंटे 20 मिनट में करीब 4155 किलोमीटर का सफर तय करती है। अब इस ट्रेन में डिब्रूगढ़ और कन्याकुमारी, दोनों ओर से बेड रोल की आपूर्ति की जा रही है, जिससे तीन दिन से ज्यादा की यात्रा करने वाले यात्रियों को साफ कंबल और बेडशीट मिल रही है।
इन ट्रेनों में भी लागू होगी नई व्यवस्था
रेलवे ने आसनसोल-गोंडा एक्सप्रेस, दादर-मैसूर एक्सप्रेस, लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, जयनगर-नई दिल्ली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, ओखा-गुवाहाटी द्वारका एक्सप्रेस, कटिहार-अमृतसर आम्रपाली एक्सप्रेस, बालूरघाट-बठिंडा फरक्का एक्सप्रेस, बांद्रा-बरौनी अवध एक्सप्रेस और कामाख्या-उदयपुर सिटी कविगुरु एक्सप्रेस सहित कई अन्य ट्रेनों का चयन किया है, जहां यह सुविधा लागू की जाएगी।

