"प्रेग्नेंट करो, अमीर बनो"...नौकरी के नाम पर रची जा रही थी ''गंदी'' साजिश, पुलिस की छापेमारी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Sunday, Feb 22, 2026-12:53 PM (IST)

All India Pregnant Job: बिहार के नालंदा पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अत्यंत शातिर तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। कतरीसराय थाना क्षेत्र के सुनसान खेतों से संचालित हो रहे इस रैकेट का खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक नाबालिग समेत 6 आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। यह गिरोह 'हनीट्रैप' और 'लोन' के नाम पर देशभर के लोगों से मोटी रकम ऐंठ रहा था। 

'प्रेग्नेंट जॉब' का झांसा और हनीट्रैप 

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी फेसबुक पर "ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब" नाम से पेज चला रहे थे। इस पेज पर महिलाओं के वीडियो और फोटो अपलोड कर यह दावा किया जाता था कि जो पुरुष उन्हें 'प्रेग्नेंट' करेगा, उसे भारी धनराशि दी जाएगी। शिकार को पहले महिलाओं की तस्वीरें दिखाई जाती थीं और चयन के बाद रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे पैसे लिए जाते थे। एक बार पैसे देने के बाद, अपराधी सिक्योरिटी फीस, सर्विस टैक्स और जीएसटी के नाम पर पीड़ितों से 5,000 से 20,000 रुपये तक की अतिरिक्त वसूली करते थे। 

लोन के नाम पर भी लूट 

गिरोह का दूसरा तरीका आर्थिक जाल बिछाना था। आरोपियों के पास से बरामद स्मार्टफोन्स में फर्जी फाइनेंस कंपनियों (जैसे धनी फाइनेंस, मुद्रा फाइनेंस आदि) के विज्ञापन मिले हैं। ये लोग सस्ते ब्याज दरों पर लोन दिलाने का झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लोगों को ठगते थे। 

खेतों से चल रहा था हाई-टेक नेटवर्क 

पुलिस को मिली गुप्त सूचना के अनुसार, कतरीसराय के सुंदरपुर और बरीठ गांव के बीच सुनसान 'चंवर' (खेतों) में यह गिरोह सक्रिय था। जब पुलिस ने वहां दबिश दी, तो आरोपी झुंड बनाकर मोबाइल फोन के जरिए ठगी की वारदात को अंजाम देते पाए गए। पुलिस ने उन्हें दौड़कर पकड़ा और मौके से कई स्मार्टफोन जब्त किए, जिनमें सैकड़ों संदिग्ध चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं। 

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पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच 

राजगीर के डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए पांच आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। आरोपियों के मोबाइल नंबरों को 'प्रतिबिंब पोर्टल' पर अपलोड कर दिया गया है, ताकि अन्य राज्यों में इनके खिलाफ दर्ज शिकायतों से इन्हें जोड़ा जा सके। अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम के माध्यम से इनके आपराधिक इतिहास की गहन जांच की जा रही है।
 


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Ramanjot

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