रास्ते पर बह रहे गंदे पानी से नाराज महिलाएं, विद्यालय के मुख्य गेट पर जड़ दिया ताला; सूचना मिलने पर प्रशासन ने की ये कार्रवाई
Thursday, Feb 19, 2026-11:16 AM (IST)
Jharkhand News: नावाडीह में गंदे पानी की समस्या को लेकर स्थानीय महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क पर बह रहे बदबूदार पानी से परेशान महिलाओं ने बुधवार को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और ताला तोड़कर हालात पर काबू पाया।
बीडीओ ने समाधान का आश्वासन दिया
नावाडीह स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने से आसपास के लोग लंबे समय से परेशान हैं। स्कूल परिसर में पानी के टैंक और निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण भवन के पीछे एक बड़ा गड्ढा खोदकर गंदा पानी जमा किया जा रहा है। काफी समय तक गड्ढे में पानी जमा रहने से बदबू फैलती है, जिससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को दिक्कत होती है। जब गड्ढा भर जाता है तो गंदा पानी पास की सड़क पर बहने लगता है। इससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, 22 नवंबर को भी महिलाओं ने इस समस्या को लेकर विरोध जताया था। उस समय बीडीओ ने समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन महीने बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही। इसी से नाराज होकर बुधवार सुबह महिलाएं स्कूल पहुंचीं और विरोध प्रदर्शन किया।
अधिकारियों ने हथौड़े से ताला तोड़कर गेट खुलवाया
मौके पर मुखिया किरण देवी और पंचायत सचिव कुमारी नमिता पहुंचीं और महिलाओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मानीं। इसके बाद महिलाओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। घटना की सूचना मिलते ही नावाडीह के बीडीओ प्रशांत कुमार हेम्ब्रम, सीओ अभिषेक कुमार, थाना के अवर निरीक्षक विमल सिंह समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। तब तक महिलाएं वहां से जा चुकी थीं। अधिकारियों ने हथौड़े से ताला तोड़कर गेट खुलवाया। साथ ही चेतावनी दी कि दोबारा स्कूल में ताला लगाने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
समस्या के अस्थायी समाधान के लिए बीडीओ ने बुधवार शाम जेसीबी मशीन भेजकर दूसरा गड्ढा खुदवाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से करीब पांच लाख रुपये की लागत से लगभग 350 फीट लंबी नाली निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। शिक्षा विभाग के कनीय अभियंता 20 फरवरी से नाली निर्माण कार्य शुरू करेंगे। प्रशासन का कहना है कि नाली बनने के बाद गंदे पानी की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।

