जर्जर सड़क व्यवस्था ने छीना परिवार से उसका सहारा! बहंगी पर ले जाया गया अस्पताल, फिर भी जिंदगी की जंग हार गया शख्स

Sunday, Feb 15, 2026-12:48 PM (IST)

Gumla News: झारखंड के गुमला जिले के एक सुदूर गांव में जर्जर सड़क व्यवस्था ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया। समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण 48 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर सड़क ठीक होती, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
दरअसल, जिला स्थित रायडीह प्रखंड के लालमाटी गांव के रहने वाले भिनसाई मुंडा (48 वर्ष) की शनिवार सुबह तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन किया। एंबुलेंस गांव तक पहुंची भी, लेकिन चालक ने खराब और पहाड़ी रास्ते का हवाला देते हुए गाड़ी ऊपर चढ़ाने से मना कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने मजबूरी में लकड़ी की बहंगी (कंधे पर उठाकर ले जाने वाला साधन) का सहारा लिया। कई घंटों तक पैदल चलकर पहाड़ी रास्ता पार किया गया। वहां से 1500 रुपये देकर एक निजी वाहन किराए पर लिया गया और मरीज को गुमला सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। शाम करीब साढ़े चार बजे अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने भिनसाई मुंडा को मृत घोषित कर दिया।

सड़क खराब होने के कारण गांव के अंदर नहीं जा सकी एंबुलेंस
ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण एंबुलेंस समय पर गांव तक नहीं पहुंच सकी, जिससे मरीज की जान चली गई। मृतक की पत्नी मांगो देवी ने कहा कि अगर गांव में अच्छी सड़क होती, तो उनके पति को समय पर इलाज मिल सकता था और शायद उनकी जान बच जाती। मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव को गांव के मुहाने तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की, लेकिन सड़क खराब होने के कारण एंबुलेंस गांव के अंदर नहीं जा सकी। बीच रास्ते में ही शव उतारना पड़ा। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को कंधे पर उठाकर गांव तक पहुंचाया और अंतिम संस्कार किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वे कई बार सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनावों का बहिष्कार तक किया गया, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। एक सप्ताह पहले भी ग्रामीण गुमला डीसी से मिलकर सड़क बनवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।


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Khushi

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