जेल में मरा 1 करोड़ का ईनामी प्रशांत बोस, शव लेने वाला कोई नहीं; पत्नी ने प्रशासन से की अंतिम संस्कार कराने की मांग
Sunday, Apr 05, 2026-10:49 AM (IST)
Jharkhand News: भाकपा माओवादी के वरिष्ठ नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस का 3 अप्रैल को रिम्स अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन के सामने एक खास स्थिति बन गई, क्योंकि उनके परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं है।
"पति का कोई अन्य परिजन नहीं"
भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस की 3 अप्रैल को रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके निधन के बाद उनका शव रिम्स की मोर्चरी में रखा गया है। इस बीच, उनकी पत्नी शीला मरांडी, जो खुद भी माओवादी संगठन की नेता हैं और फिलहाल बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं, ने जेल प्रशासन के जरिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि उनके पति का कोई अन्य परिजन नहीं है, इसलिए प्रशासन ही उनके अंतिम संस्कार की व्यवस्था करे।
झारखंड में बोस के खिलाफ 70 से ज्यादा माओवादी मामलों में केस दर्ज
प्रशांत बोस पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के यादवपुर इलाके के रहने वाले थे। उन्हें 12 नवंबर 2021 को झारखंड पुलिस ने सरायकेला जिले के कांड्रा स्थित मुंडरी चेक पोस्ट के पास गिरफ्तार किया था। उस समय उनके साथ उनकी पत्नी शीला मरांडी और चार अन्य माओवादी भी पकड़े गए थे।
गिरफ्तारी के वक्त प्रशांत बोस पर सरकार ने एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। बताया जाता है कि वह उस समय इलाज कराने जा रहे थे। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने कई राज्यों में नक्सल गतिविधियों को फैलाने में अहम भूमिका निभाई थी। झारखंड में उनके खिलाफ 70 से ज्यादा माओवादी मामलों में केस दर्ज हैं। वहीं, उनकी पत्नी शीला मरांडी भी माओवादी संगठन की सेंट्रल कमेटी की सदस्य और नारी मुक्ति संघ की प्रमुख रह चुकी हैं।

