पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को मिली बेल, टेंडर घोटाले में 2 साल बाद जेल से हुए रिहा

Friday, May 15, 2026-10:52 AM (IST)

Jharkhand News: झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से रिहा हो गए। उच्चतम न्यायालय ने आलम को कथित निविदा घोटाले से जुड़े धन शोधन के एक मामले में जमानत दे दी। ईडी मामले की जांच कर रही है। 

केंद्रीय जांच एजेंसी ने कांग्रेस नेता के सहयोगी से जुड़े परिसरों से लगभग 32 करोड़ रुपये नकद जब्त किए थे, जिसके कुछ दिनों बाद 15 मई, 2024 को आलम को गिरफ्तार किया गया था। आलम ने इससे पहले झारखंड उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी लेकिन अदालत ने आरोपों की गंभीरता और जारी जांच का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी थी। आलम ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया और शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें जमानत दे दी। 

आलम ने रिहाई के बाद अपने आवास पर पत्रकारों से कहा, "दो साल बाद जमानत पर रिहा हुआ हूं। मुझे खुशी है कि मेरे इलाके के लोगों को उनके लिए किए गए मेरे काम याद हैं। उनमें से कई लोग मुझसे जेल में मिले। इस दौरान मुझे यह भी पता चला कि वास्तव में कौन मेरा साथ देता है।" आलम ने कहा कि वह हमेशा से कानून का पालन करने वाले नागरिक रहे हैं और नोटिस मिलने के बाद ही ईडी के सामने पेश हुए थे। 

पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा, "संसदीय चुनावों के दौरान मैंने लोहरदगा में प्रचार किया और फिर साहिबगंज चला गया। मुझे नोटिस के बारे में पता चला और एक कानून का पालन करने वाले व्यक्ति के रूप में संघीय एजेंसी के सामने पेश होने के लिए मैंने 450 किलोमीटर की यात्रा की।" उन्होंने पाकुड़ और झारखंड के लोगों के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके कठिन समय में उनका साथ दिया। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Reporter

Ramandeep Sodhi

Related News

static