Bihar Urban Action Plan: 264 नगर निकायों में माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, सख्त कार्रवाई का ऐलान
Thursday, Jan 08, 2026-09:42 AM (IST)
पटना: बिहार में शहरी प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए सरकार ने व्यापक एक्शन प्लान लागू करने का फैसला किया है। उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी 264 नगर निकायों में सक्रिय माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा
बैठक में उन्होंने साफ कहा कि अब शहरी विकास में किसी भी तरह की गड़बड़ी, दबंगई या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया से आउटसोर्सिंग तक होगी कड़ी निगरानी
समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने टेंडर प्रक्रिया, ठेका आवंटन और आउटसोर्सिंग सिस्टम में पारदर्शिता लाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई गई तो दोषी अधिकारियों और एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई तय है। सभी नगर निकायों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनियों का विस्तृत विवरण विभाग को सौंपने का निर्देश भी दिया गया है।
छोटी कंपनियों और NGOs को मिलेगा बराबर मौका
सरकार अब बड़े ठेकेदारों तक सीमित व्यवस्था को बदलना चाहती है। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नगर निकायों के टेंडर में NGO, नॉन-प्रॉफिट संस्थाओं और छोटी कंपनियों को भी अवसर दिया जाए। इससे न केवल स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि शहरी सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
दूसरे राज्यों से सीखेगा बिहार का स्वच्छता मॉडल
स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बिहार के अधिकारी गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सफल स्वच्छता मॉडल का अध्ययन करेंगे। जो मॉडल बिहार की परिस्थितियों के अनुकूल होंगे, उन्हें स्थानीय जरूरतों के हिसाब से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत रोजगार सृजन पर भी फोकस रहेगा।
सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई
बैठक में सामने आया कि कई शहरी इलाकों में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
अब हफ्ते में दो दिन जनता की फरियाद सुनेंगे अफसर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर राज्य के सभी अधिकारी सप्ताह में दो दिन जनता की समस्याएं सुनेंगे। इस फैसले पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रशासनिक अभियानों को मजबूती देगी और आम लोगों का भरोसा बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि जिन अंचलों में ज्यादा शिकायतें होंगी, वहां जाकर भी समीक्षा की जाएगी।
राजस्व विभाग की बड़ी पहल, नियमों का एकीकृत संकलन
इसी क्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने वर्ष 2003 से 2023 तक के सभी महत्वपूर्ण परिपत्र, नियम और अधिनियमों को चार खंडों में संकलित किया है। इन पुस्तकों का लोकार्पण करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इससे अधिकारियों को अद्यतन और प्रामाणिक जानकारी एक जगह मिलेगी, जिससे निर्णय प्रक्रिया में एकरूपता आएगी।
सरकार का साफ संदेश: माफियागिरी नहीं, पारदर्शिता ही नीति
बैठक में प्रधान सचिव विनय कुमार, अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा, मनोज कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि शहरी विकास में अब माफिया संस्कृति नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून का राज चलेगा।

