बिहार में बंपर बहाली! 1076 पदों पर नई नियुक्तियां, हर प्रखंड में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी – जमा खान का बड़ा ऐलान

Friday, Feb 20, 2026-10:16 PM (IST)

पटना: बिहार सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने के लिए बड़े प्रशासनिक और शैक्षणिक फैसलों की घोषणा की है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान ने प्रेस वार्ता में बताया कि राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। वर्ष के अंत तक सभी प्रखंडों में इन अधिकारियों की तैनाती पूरी कर ली जाएगी, जिससे योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन ग्रामीण स्तर तक सशक्त हो सके।

1076 पदों पर होगी नियुक्ति

विभाग में कुल 1076 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन पदों के लिए अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) को भेजी जा चुकी है।

प्रमुख पदों का विवरण इस प्रकार है:

  • जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी – 6
  • प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी – 487
  • निम्नवर्गीय लिपिक (मुख्यालय/निदेशालय) – 8
  • निम्नवर्गीय लिपिक (क्षेत्रीय संवर्ग) – 14
  • निम्नवर्गीय लिपिक (समाहरणालय संवर्ग) – 524
  • छात्रावास प्रबंधक – 37

 शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार

राज्य में कक्षा 9 से 12 तक के 22 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों का निर्माण अलग-अलग जिलों में जारी है। वर्तमान में दरभंगा और किशनगंज में दो विद्यालय संचालित हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य अप्रैल 2026 तक कटिहार, जमुई, कैमूर, नालंदा और मुजफ्फरपुर में पांच और विद्यालय शुरू करने का है। इसके बाद कुल विद्यालयों की संख्या सात हो जाएगी। सरकार की योजना है कि भविष्य में हर जिले में ऐसे विद्यालय स्थापित किए जाएं, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो सके।

मदरसों में आधुनिक सुविधाएं

मदरसों के आधुनिकीकरण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं। अभी तक 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत हो चुकी है और जल्द ही यह सुविधा सभी मदरसों में उपलब्ध कराने की योजना है।

इसके अलावा, बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से संबद्ध नौ मदरसों तथा मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में कुल 10 स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से पांच केंद्रों पर तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित होंगे।

सामाजिक और विकास योजनाएं

सरकार ने तलाकशुदा महिलाओं को 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की योजना को जारी रखने की बात कही है। इसके साथ ही 9,000 से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी और वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की पहचान एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी प्राथमिकता में है।

विभाग के अनुसार, पिछले दो दशकों में बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2005-06 में जहां बजट 3.53 करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 728 करोड़ रुपये और 2025-26 में 1,041 करोड़ रुपये हो गया है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 77 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है। सरकार का दावा है कि ये पहलें अल्पसंख्यक समुदाय के शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण को नई दिशा देंगी।


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Content Writer

Ramanjot

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