Shattila Ekadashi 2026 Date: 13 या 14 जनवरी कब है षटतिला एकादशी? जानिए तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, पारण का समय
Monday, Jan 12, 2026-07:04 PM (IST)
Shattila Ekadashi 2026 Date: माघ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को आने वाली षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi 2026) सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। इस एकादशी को लेकर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि व्रत 13 जनवरी को रखा जाए या 14 जनवरी को। साथ ही इस दिन तिल से जुड़े छह विशेष धार्मिक कर्मों का भी बड़ा महत्व बताया गया है।
Shattila Ekadashi 2026 Kab Hai? (षटतिला एकादशी की सही तिथि)
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 13 जनवरी 2026 को दोपहर 3:16 बजे होगी, जबकि तिथि का समापन 14 जनवरी 2026 को शाम 5:52 बजे होगा। चूंकि व्रत उदयातिथि के आधार पर रखा जाता है, इसलिए षटतिला एकादशी का व्रत 14 जनवरी 2026, बुधवार को रखा जाएगा। इसी दिन Shattila Ekadashi Fast 2026 का धार्मिक महत्व सर्वोच्च रहेगा।
षटतिला एकादशी पर तिल का 6 तरह से उपयोग क्यों जरूरी?
इस एकादशी का नाम ही “षटतिला” है, यानी तिल से जुड़े छह पुण्य कर्म। शास्त्रों में बताए गए ये छह उपाय जीवन के पापों का नाश करने वाले माने जाते हैं—
- Til Snan – तिल मिश्रित जल से स्नान
- Til Ubtan – शरीर पर तिल का उबटन लगाना
- Til Havan – तिल से हवन करना
- Til Tarpan – पितरों के लिए तिल से तर्पण
- Til Bhojan – तिल युक्त भोजन करना
- Til Daan – तिल का दान करना
मान्यता है कि इन छह कर्मों से पापों से मुक्ति, धन-समृद्धि और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
Shattila Ekadashi Shubh Muhurat 2026 (पूजा का शुभ समय)
षटतिला एकादशी के दिन Brahma Muhurat सुबह 5:28 बजे से 6:22 बजे तक रहेगा। इस दौरान स्नान करके Lord Vishnu Puja, व्रत का संकल्प और तिल से जुड़े धार्मिक कर्म करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
षटतिला एकादशी पर बन रहे हैं शुभ योग (Shattila Ekadashi Yog)
इस बार षटतिला एकादशी पर— Sarvarth Siddhi Yog और Amrit Siddhi Yog का संयोग बन रहा है। इन योगों में किया गया दान, जप और पूजा दोगुना फल देता है और अक्षय पुण्य प्रदान करता है।
Shattila Ekadashi Paran Time 2026 (व्रत पारण का समय)
षटतिला एकादशी का पारण 15 जनवरी 2026 को किया जाएगा।
Paran Muhurat
- सुबह 7:14 बजे से 9:22 बजे तक रहेगा।
- द्वादशी तिथि का समापन उसी दिन रात 8:16 बजे होगा।
Shattila Ekadashi Puja Vidhi (पूजा विधि)
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने व्रत का संकल्प लें
- दिनभर फलाहार करें
- रात्रि में विष्णु सहस्रनाम या एकादशी कथा का पाठ करें
- द्वादशी के दिन पारण से पहले पूजा, दान और ब्राह्मण भोजन कराएं।
षटतिला एकादशी का धार्मिक महत्व (Shattila Ekadashi Importance)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, षटतिला एकादशी व्रत रखने से— समस्त पाप नष्ट होते हैं, जीवन के कष्ट दूर होते हैं ,धन, सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है और तिल दान से कर्ज से मुक्ति मिलती है। यह व्रत भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय माना गया है।

