PM Kisan Yojana: पीएम किसान योजना के लिए अब ये चीज नहीं बनेगी बाधा...सरकार ने दिया अपडेट
Tuesday, Feb 03, 2026-06:40 PM (IST)
PM Kisan Yojana : बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लिए किसानों की आईडी बनाए जाने के मुद्दे पर राज्य सरकार गंभीर है और सभी किसानों की आईडी शीघ्र तैयार कर ली जाएगी।
अब तक 33 लाख किसानों की ID तैयार
विधानसभा अध्यक्ष ने राज्य विधानसभा की पूर्वाह्न बैठक के दौरान सचिंद्र प्रसाद सिंह एवं अन्य सदस्यों के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के उत्तर के बीच हस्तक्षेप करते हुए कहा कि इस उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया गया है और अब तक 33 लाख किसानों की आईडी तैयार की जा चुकी है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार इस विषय को लेकर गंभीर है और सभी किसानों की आईडी शीघ्र बना ली जाएगी।
सरकार ने दिया ये आश्वासन
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि कोई भी पात्र किसान आईडी कार्ड से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना एक केंद्रीय योजना है, जिसे केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार लागू किया जा रहा है। इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को दिया जाता है, जिनका नाम पंजीकृत है। मंत्री ने बताया कि राजस्व विभाग के सहयोग से कृषि विभाग ने किसानों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान शुरू किया है और योजना के संचालन दिशा-निर्देशों के तहत लाभ दिया जाएगा।
21 किस्तों में 30,093 करोड़ रुपये ट्रांसफर
इस पर विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह ने बटाईदार किसानों तथा उन किसानों का मुद्दा उठाया, जिनके जमीन की जमाबंदी अब भी उनके पूर्वजों के नाम पर दर्ज है। मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत 73,37,270 किसानों को लाभ दिया जा रहा है, जिसके लिए 21 किस्तों में कुल 30,093 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसान आईडी काडर् बनाने के लिए कृषि एवं राजस्व विभाग संयुक्त रूप से गांवों में शिविर लगा रहे हैं और अब तक 3,12,581 किसानों की आईडी बनाई जा चुकी है।
किसान आईडी को लेकर स्पष्ट नीति की मांग
दस्तावेजों की कमी के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि इस समस्या पर भी ध्यान दिया जा रहा है और किसान आईडी कार्ड बनाने को लेकर सरकार अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। इस बीच सचिंद्र प्रसाद सिंह ने इस उद्देश्य के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और नीति तैयार करने की मांग की। एक अन्य सदस्य रजनीश कुमार ने पैतृक भूमि और भूमि के स्वामित्व में परिवर्तन के मुद्दे पर सदन का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि पहले वंशावली के आधार पर लाभ दिया जाता था और किसान आईडी कार्ड की प्रक्रिया पूरी होने तक उस व्यवस्था को जारी रखने की मांग की।

