सुशील मोदी का आरोप- विपक्ष शासित राज्यों ने नहीं घटाए पेट्रोल-डीजल पर वैट, महंगाई पर की राजनीति

4/29/2022 10:23:36 AM

पटनाः बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष शासित राज्यों ने पेट्रोल और डीजल पर मूल्यवर्धित कर (वैट) नहीं घटाकर महंगाई पर केवल राजनीति की है।

सुशील मोदी ने गुरुवार को ट्वीट किया, 'पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि पर छाती पीटने वाले विपक्षी दलों ने अपने शासन वाले राज्यों में इस पर वैट में कोई कमी नहीं कर दोहरा रवैया अपनाया। कांग्रेस शासित राजस्थान में पेट्रोल-डीजल पर सर्वाधिक 31.08 फीसद वैट के अलावा इस पर सेस भी वसूला जाता है। वहीं, भाजपा शासित हरियाणा में पेट्रोल-डीजल पर सबसे कम वैट 18 और 16 फीसद है।' उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) महंगाई पर बोलने से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात कर उन राज्यों में वैट कम कराए ताकि जनता को राहत मिले।

भाजपा नेता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि और युक्रेन-रूस युद्ध के कारण जब भारत में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े तब केंद्र सरकार ने इन वस्तुओं पर पिछले नवंबर में उत्पाद शुल्क घटा कर जनता को राहत दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित बिहार और भाजपा-शासित राज्यों ने भी वैट घटाकर पेट्रोल और डीजल के दाम कम रखने की पहल की। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) जैसे विपक्ष शासित राज्यों ने वैट में कोई कमी नहीं की।

सुशील मोदी ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में पेट्रोल-डीजल पर वैट 14.50 रुपए से 17.50 रुपए प्रति लीटर तक है जबकि विपक्ष शासित राज्य 26 रुपये से 32 रुपये प्रति लीटर तक कर वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता पर बोझ कम करना नहीं बल्कि इस मुद्दे पर केवल राजनीति करना चाहता है।


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Ramanjot

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