बिहार की महिला रोजगार योजना में बड़ा बदलाव – एकमुश्त नहीं, 5 किस्तों में मिलेगा 2 लाख
Monday, Feb 16, 2026-11:17 PM (IST)
पटना: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। चुनाव के समय शुरू की गई इस योजना के पहले चरण में 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की शुरुआती सहायता दी जा चुकी है। हाल ही में करीब 25 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में फिर से 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए, जिसकी कुल राशि लगभग 2500 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
हालांकि अब अधिकतम 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता एकमुश्त नहीं दी जाएगी। सरकार ने इसे चरणबद्ध किस्तों में जारी करने का निर्णय लिया है और इसके लिए कई शर्तें और मूल्यांकन प्रक्रियाएं अनिवार्य कर दी गई हैं।
कैसे मिलेगी 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता?
ग्रामीण विकास विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सभी जिलों को दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। अब प्रत्येक किस्त जारी करने से पहले ग्राम, जिला और राज्य स्तर पर जांच की प्रक्रिया पूरी होगी।
चरणबद्ध सहायता का ढांचा
- पहला चरण (पहले ही जारी):
- 10,000 रुपये
- उपयोग का मूल्यांकन होगा
दूसरा चरण:
- 20,000 रुपये (सरकार) + 5,000 रुपये (महिला का अंशदान)
- ग्राम स्तर पर उपयोग की जांच और शपथ-पत्र आवश्यक
तीसरा चरण:
- 40,000 रुपये + 10,000 रुपये अंशदान
- जिला कमेटी द्वारा सत्यापन और व्यवसाय विस्तार की समीक्षा
चौथा चरण:
- 80,000 रुपये + 20,000 रुपये अंशदान
- राज्य स्तर पर अनुशंसा, नियमित बचत और प्रशिक्षण जरूरी
पांचवां और अंतिम चरण:
- 60,000 रुपये (मार्केटिंग/ब्रांडिंग हेतु)
- व्यवसाय की स्थिरता साबित करनी होगी
कुल मिलाकर अधिकतम 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता किस्तों में दी जाएगी।
कब शुरू होगी अगली प्रक्रिया?
पहली किस्त मिलने के छह महीने बाद मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जानी थी, लेकिन अब कई जिलों में इसकी जांच प्रक्रिया चालू हो चुकी है।
प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
ग्राम स्तर जांच — जिला कमेटी सत्यापन — राज्य कमेटी अनुशंसा — राशि जारी
मुख्य शर्तें
- स्वयं सहायता समूह (जीविका/SHG) की बैठकों में नियमित उपस्थिति
- हर सप्ताह न्यूनतम 10 रुपये की बचत
- स्वरोजगार के लिए स्पष्ट व्यवसाय योजना
- प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भागीदारी
- आय-व्यय का रिकॉर्ड रखना
- शपथ-पत्र कि राशि व्यवसाय में ही उपयोग होगी
- यदि शुरुआती 10,000 रुपये से व्यवसाय शुरू नहीं हुआ या बंद हो गया, तो आगे की सहायता रोकी जा सकती है
सियासी बहस भी तेज
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव के दौरान आसानी से धनराशि बांटी गई, लेकिन अब सख्त नियम लागू कर लाभार्थियों को परेशान किया जा रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि नई शर्तें पारदर्शिता और वास्तविक स्वरोजगार सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल mmry.brlps.in या स्थानीय जीविका कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

