मिड-डे मील बना ''जहर'': स्कूल में खाना खाने से 70 से अधिक बच्चों की बिगड़ी तबीयत, मची अफरा-तफरी

Sunday, Feb 08, 2026-12:39 PM (IST)

Bihar News :  बिहार के मधेपुरा सदर ब्लॉक के साहूगढ़ के कारू टोला में एक अपग्रेडेड मिडिल स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 70 से ज़्यादा स्कूली बच्चे बीमार पड़ गए, जिससे शिक्षकों, माता-पिता और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, खाना खाने के तुरंत बाद बच्चे एक-एक करके बीमार पड़ने लगे। उन्होंने उल्टी, पेट दर्द, चक्कर आना, बेचैनी और घबराहट की शिकायत की, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। 

घटना की जानकारी मिलते ही छात्रों के माता-पिता स्कूल में जमा हो गए। सभी प्रभावित बच्चों को तुरंत एम्बुलेंस और निजी वाहनों से मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने पुष्टि की कि ज़्यादातर बच्चे स्थिर हैं और खतरे से बाहर हैं, हालांकि एक लड़की की हालत गंभीर बनी हुई है और वह कड़ी मेडिकल निगरानी में है। माता-पिता ने इस मामले की गहन जांच की मांग करते हुए अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। 

खाने में गिरी छिपकली!
शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि खाने में छिपकली गिर गई होगी, जिसे कथित तौर पर मिड-डे मील योजना से जुड़े एक NGO द्वारा सप्लाई किया गया था। अधिकारियों ने अभी तक कारण की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच के हिस्से के रूप में खाने के नमूनों की जांच किए जाने की उम्मीद है। घटना की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) संजय कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि गहन जांच शुरू कर दी गई है। 

अधिकारियों पर खराब निगरानी का आरोप
DEO ने आगे कहा, "अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित NGO और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" इस घटना से माता-पिता में व्यापक गुस्सा है, जिन्होंने अधिकारियों पर खराब निगरानी और लापरवाही का आरोप लगाया है। मिड-डे मील कार्यक्रम के गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता मानकों और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि किसी भी चूक को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे।


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Content Writer

Ramanjot

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