Bihar SVU Action: शिवहर के DDC बृजेश कुमार पर शिकंजा, आय से अधिक संपत्ति का बड़ा खुलासा

Tuesday, Mar 24, 2026-10:00 PM (IST)

Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत Special Vigilance Unit ने एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी पर शिकंजा कसा है। शिवहर के उप विकास आयुक्त Brijesh Kumar अब जांच के घेरे में हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, अधिकारी पर पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित करने और उसे छिपाने के गंभीर आरोप हैं।

सगुना मोड़ में करोड़ों की संपत्ति, पत्नी के नाम निवेश

SVU की जांच में यह सामने आया है कि जब बृजेश कुमार मुजफ्फरपुर में एसडीओ के पद पर तैनात थे, उसी दौरान उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर पटना के सगुना मोड़ इलाके में कई महंगी संपत्तियां खरीदीं। बताया जा रहा है कि इन प्रॉपर्टीज का सरकारी मूल्य ही करीब 2.26 करोड़ रुपये है, जबकि बाजार कीमत इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। इनमें प्रमुख व्यावसायिक परिसरों में स्थित कीमती दुकानें भी शामिल हैं, जिससे निवेश का दायरा और बड़ा माना जा रहा है।

आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला

SVU द्वारा दर्ज मामले के अनुसार, अधिकारी पर अपनी ज्ञात आय से करीब 1.44 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति जुटाने का आरोप है। जांच के दौरान टीम ने कई जगहों पर छापेमारी की, जिसमें उनके रिश्तेदारों के ठिकाने भी शामिल रहे। बैंक खातों और वित्तीय संस्थानों में निवेश से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं।

रिश्तेदारों के जरिए निवेश का शक

जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ संपत्तियां रिश्तेदारों के नाम पर ली गई हो सकती हैं। एक मामले में जमीन को ‘उपहार’ के रूप में दिखाया गया है, जिसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है। अब इस लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि वास्तविक स्रोत का पता लगाया जा सके।

संपत्ति विवरण में नहीं किया खुलासा

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकारी ने अपने वार्षिक संपत्ति विवरण में इन संपत्तियों का कोई उल्लेख नहीं किया था। जहां सरकारी रिकॉर्ड में उन्होंने खुद को लगभग ‘संपत्ति रहित’ बताया, वहीं जांच में करोड़ों की संपत्ति सामने आ गई। SVU को उनकी पत्नी के नाम से कई संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

आगे की जांच तेज

अब निगरानी इकाई इस बात की पड़ताल कर रही है कि कहीं और भी बेनामी संपत्तियां या छिपे हुए निवेश तो नहीं हैं। जांच का दायरा बढ़ाते हुए संबंधित सभी दस्तावेजों और लेन-देन की जांच की जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के बीच यह मामला एक बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष कई और अहम खुलासे कर सकते हैं।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

SHUKDEV PRASAD

Related News

static