''हिंदू समाज को अधिक बच्चे पैदा करने से किसने रोका है, सरकार तो कहती है...'' बिहार में बोले मोहन भागवत
Monday, Jan 26, 2026-04:09 PM (IST)
Mohan Bhagwat Statement : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर नागरिकों से संविधान में निहित कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संविधान का सम्मान और कानून का पालन ही भारत को एक मजबूत और अग्रणी गणतंत्र बना सकता है।
"संविधान ही हमें धर्म सिखाता है"
सोमवार को मोहन भागवत ने मुजफ्फरपुर स्थित RSS के मंडल कार्यालय ‘मधुकर निकेतन’ में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और इसके बाद आयोजित सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "यह संविधान ही है जो हमें धर्म सिखाता है। इसे नियमित रूप से पढ़ने से नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहते हैं, और कानून का पालन करना ही एक प्राथमिक नागरिक कर्तव्य है।" उन्होंने भारतीय संस्कृति में निहित कई "अलिखित मानदंडों" का भी उल्लेख किया जो मानवता और सामाजिक सद्भाव को "बनाए रखने" का लक्ष्य रखते हैं। उन्होंने कहा, "भारत की स्वतंत्रता हमारे पूर्वजों के महान बलिदानों से हासिल हुई थी। भारत को एक गणतंत्र के रूप में संरक्षित और मजबूत करना नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।"
"देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की जरूरत नहीं"
इससे पहले रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे मोहन भागवत ने एक रिसोर्ट में आयोजित ‘सामाजिक सद्भाव विचार गोष्ठी सह संवाद कार्यक्रम’ को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने जनसंख्या, हिंदू राष्ट्र, सामाजिक एकता और भारत की वैश्विक भूमिका जैसे विषयों पर अपनी राय रखी। भागवत ने कहा कि हिंदू समाज को 3 बच्चे पैदा करने से किसी ने नहीं रोका है और यह व्यक्तिगत निर्णय का विषय है। सरकार भी 2-1 बच्चे पैदा करने को कहती है।' साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह स्वभाव से ही हिंदू राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज विविधताओं से भरा है, लेकिन उसमें अलगाव नहीं, बल्कि एकता का भाव है, जिसे और मजबूत करने की जरूरत है।

