Lohri 2026 Date: लोहड़ी कब है, शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? जानिए पर्व का महत्व और परंपराएं

Saturday, Jan 03, 2026-06:03 PM (IST)

Lohri Kab Hai 2026: लोहड़ी भारत के प्रमुख लोक पर्वों में से एक है, जिसे खास तौर पर पंजाब और सिख समुदाय में बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व आग, फसल और सामूहिक आनंद का प्रतीक माना जाता है। 

लोहड़ी की शाम लोग अलाव जलाते हैं, उसमें गेहूं की बालियां, तिल, रेवड़ी और मूंगफली अर्पित करते हैं और अग्नि की परिक्रमा करते हैं। इस दौरान पंजाब के पारंपरिक लोकगीत, भांगड़ा और गिद्धा माहौल को और भी रंगीन बना देते हैं। लोग एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए अग्नि देवता से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। 

लोहड़ी 2026 की तारीख (Lohri 2026 Date)

साल 2026 में लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी, मंगलवार को मनाया जाएगा। लोहड़ी की अग्नि परंपरागत रूप से शाम के समय जलाई जाती है, जिसमें तिल, रेवड़ी और मूंगफली अर्पित की जाती है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार लोहड़ी संक्रांति का क्षण 14 जनवरी को सुबह 3 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।

लोहड़ी 2026 शुभ मुहूर्त (Lohri Shubh Muhurat)

लोहड़ी की अग्नि जलाने का शुभ समय:
शाम 06:30 बजे से रात 08:30 बजे तक

इसी समय अग्नि पूजा, परिक्रमा और पारंपरिक अनुष्ठान करना शुभ माना जाता है।

लोहड़ी कैसे मनाई जाती है?

लोहड़ी के दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं और रिश्तेदारों व पड़ोसियों को मिठाइयाँ खिलाकर शुभकामनाएं देते हैं। शाम को अलाव जलाकर उसकी परिक्रमा की जाती है और उसमें मूंगफली, रेवड़ी, तिल और पॉपकॉर्न अर्पित किए जाते हैं। इस दिन बच्चों को खाली हाथ नहीं लौटाया जाता—उन्हें लोहड़ी (मिठाई और उपहार) दी जाती है। खाने में सरसों का साग और मक्के की रोटी विशेष रूप से बनाई जाती है। लोकगीत गाने और पारंपरिक नृत्य करने की भी परंपरा है।

लोहड़ी का धार्मिक और सामाजिक महत्व

लोहड़ी का सिख धर्म और कृषि परंपरा में विशेष स्थान है। यह पर्व नई फसल के आगमन और किसान की मेहनत के सम्मान का प्रतीक माना जाता है। इस समय तक रबी फसलों की बुवाई पूरी हो जाती है, और किसान अग्नि देवता से अच्छी पैदावार की प्रार्थना करते हैं। नवविवाहित जोड़ों और नवजात शिशु वाले परिवारों के लिए लोहड़ी का पर्व खास महत्व रखता है। मान्यता है कि लोहड़ी मनाने से घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है।


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Ramanjot

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