लालू-राबड़ी का CBI के आरोपों से इनकार, बोले- लड़ेंगे मुकदमा

Monday, Feb 16, 2026-03:46 PM (IST)

Land For Job Scam Case : 'जमीन के बदले नौकरी' (Land for Job) घोटाले के मामले में आज सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव अपनी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के साथ अदालत में पेश हुए।  सुनवाई के दौरान लालू यादव ने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।  इस केस की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पास है। 

हम मुकदमे का सामना करेंगे है : लालू यादव

अदालती कार्यवाही के दौरान जब न्यायाधीश ने औपचारिक रूप से आरोपों को पढ़कर सुनाया और पूछा कि क्या वे अपना जुर्म स्वीकार करते हैं, तो लालू यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "आरोप मंजूर नहीं हैं, हम मुकदमे का सामना करेंगे।" उनके इस बयान के बाद अब इस मामले में नियमित ट्रायल शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

व्यक्तिगत पेशी से मिली छूट

लालू और राबड़ी देवी के वकीलों ने उनकी खराब सेहत का हवाला देते हुए व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट की मांग की थी। वकीलों ने तर्क दिया कि बढ़ती उम्र और गंभीर बीमारियों के कारण बार-बार दिल्ली आकर कोर्ट में पेश होना उनके लिए संभव नहीं है। अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए दोनों को बड़ी राहत दी है। अब लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को हर तारीख पर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट नहीं आना होगा। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग  के जरिए कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में अदालत को उनकी भौतिक उपस्थिति अनिवार्य लगेगी, तो उन्हें पेश होना पड़ेगा। सुनवाई के दौरान राज्यसभा सांसद और लालू यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती पूरे समय उनके साथ रहीं। कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और राजद समर्थकों की भारी भीड़ भी देखी गई।

जानें क्या है मामला

बता दें कि यह मामला सीबीआई की प्राथमिकी से उत्पन्न हुआ है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 2004-2009 के दौरान भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के कर्मचारियों की नियुक्ति में तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद (76) भ्रष्टाचार में लिप्त थे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी के अनुसार, उम्मीदवारों या उनके परिवार के सदस्यों को रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले में कथित तौर पर रिश्वत के तौर पर जमीन हस्तांतरित करने के लिए कहा गया था। ये जमीनें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों के नाम पर पंजीकृत थी। सीबीआई ने इस मामले में तीन आरोपपत्र भी दाखिल किए हैं। 
 


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Harman

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