स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजसेवी माहेश्वरी देवी का निधन, भारत छोड़ो आंदोलन में रही थी काफी सक्रिय

1/25/2023 10:25:49 AM

दरभंगा: बिहार की जानी मानी स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजसेवी माहेश्वरी देवी का मंगलवार को निधन हो गया। वह 102 वर्ष की थी। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा के रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो0 प्रेम मोहन मिश्र की माता माहेश्वरी देवी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थी और आज उनका निधन हो गया। 

साल 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में रही थी काफी सक्रिय
बता दें कि माहेश्वरी जी महिला शिक्षा की पैरोकार थी। साल 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में काफी सक्रिय रही थी। जिसके कारण अंग्रेज पुलिस ने उनके घर को जलाकर राख कर डाला। आज़ादी के बाद स्वतंत्रता सेनानियों को मिलने वाले भत्ते को लेने से उन्होंने इनकार कर दिया। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि पचास के दशक में समाज के विरोध के बावजूद माहेश्वरीजी ने बेटी को स्कूल भेजा, उसे शिक्षक प्रशिक्षण दिलाकर नौकरी दिलाकर आत्मनिर्भर बनाने में सफलता प्राप्त की। लेकिन इसके लिए उन्हें समाज के साथ बहुत संघर्ष करना पड़ा, लेकिन बाद में उनसे प्रेरित होकर उस गांव की अन्य लड़कियां भी स्कूल जाने लगी । आज़ादी के बाद गांव के स्कूल में एक अनुसूचित जाति के शिक्षक की नियुक्ति हुई। पूरे गांव के लोगों ने विद्यालय का बहिष्कार कर किया, कोई विद्यार्थी स्कूल नहीं गया। 

माहेश्वरी देवी के निधन से पूरे गांव में शोक का माहौल 
वहीं इसके बाद पुन: उन्होंने गांव के लोगों के विरुद्ध अपने बेटे प्रेम मोहन मिश्रा को स्कूल तो भेजा और पदस्थापित शिक्षक महोदय को खाना भी खिलाया। उन्होंने गांव की महिलाओं को समझाकर इस समस्या को सुलझाया और बच्चों को स्कूल भेजना प्रारम्भ कराया। समाजसेवी माहेश्वरी देवी के आकस्मिक निधन से पूरे गांव में शोक का माहौल है। महोश्वरी देवी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मधुबनी जिला के लक्ष्मीपुर गांव में हुआ। मास्टर साहेब के नाम से प्रसिद्ध उनके ज्येष्ठ पुत्र चंद्रमोहन मिश्र ने मुखाग्नि दी।


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Content Editor

Swati Sharma

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