बिहार से कौन-कौन जाएगा राज्यसभा? इन दिग्गजों के नामों पर टिकी सबकी नजरे
Tuesday, Mar 03, 2026-02:04 PM (IST)
Bihar Rajya Sabha election: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनावों ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। संख्या बल के आधार पर एनडीए (भाजपा-जदयू) का चार सीटों पर कब्जा लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन असली रोमांच पांचवीं सीट को लेकर है, जहां महागठबंधन और एनडीए के बीच 'नंबर गेम' का खेल शुरू हो गया है।
चार सीटों पर NDA का दबदबा, पांचवीं पर संग्राम
मौजूदा विधायकों की संख्या के अनुसार, एनडीए को 4 सीटें (भाजपा 2, जदयू 2) मिलना तय है। पांचवीं सीट के लिए महागठबंधन को अतिरिक्त समर्थन की दरकार है। राजद और सहयोगियों के पास 35 विधायक हैं। जीत के लिए उन्हें असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM) के 5 विधायकों और बसपा के 1 विधायक का साथ चाहिए। यदि ये 41 विधायक एकजुट होते हैं, तभी विपक्ष एक सीट निकाल पाएगा।
संभावित चेहरे: पवन सिंह से लेकर निशांत कुमार तक
पवन सिंह (भाजपा/NDA): भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह की युवाओं में लोकप्रियता और 'मास कनेक्ट' को देखते हुए भाजपा उन्हें उच्च सदन भेज सकती है। पूर्वांचल और बिहार के समीकरणों में वे फिट बैठते हैं।
निशांत कुमार (जदयू): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग लंबे समय से हो रही है। अगर जदयू उन्हें मौका देती है, तो यह उनकी सक्रिय राजनीति में औपचारिक एंट्री होगी।
तेजस्वी यादव (राजद): सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी खुद राज्यसभा जा सकते हैं। लालू यादव के साथ हुई हालिया बैठकों और 1 मार्च की पार्लियामेंट्री कमेटी की मीटिंग के बाद इन अटकलों को बल मिला है।
उपेंद्र कुशवाहा (RLM): राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली में भाजपा शीर्ष नेतृत्व से संपर्क में हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि गठबंधन को मजबूत करने के लिए उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है।
जदयू के लिए दो अनुभवी चेहरों पर भी फैसला लेना चुनौती
हरिवंश: राज्यसभा के उपसभापति और संसदीय मर्यादा का चेहरा। अनुभव के आधार पर इनका दावा सबसे मजबूत है।
रामनाथ ठाकुर: केंद्रीय मंत्री और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) का बड़ा चेहरा। चुनावी साल में उन्हें हटाना जदयू के लिए जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए उनकी उम्मीदवारी भी प्रबल मानी जा रही है।
ओवैसी की भूमिका: कौन बनेगा 'किंगमेकर'?
बिहार की इस सियासी लड़ाई में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी निर्णायक भूमिका में हैं। उनके 5 विधायक जिस पाले में जाएंगे, पांचवीं सीट उसी की होगी। एनडीए की रणनीति विपक्ष में सेंधमारी कर पांचवीं सीट भी अपने पाले में करने की है।

