अब जमीन विवादों का फटाफट होगा निपटारा, बिहार में 26 जनवरी से भूमि मापी महाअभियान

Friday, Jan 16, 2026-11:14 AM (IST)

Bihar Jamin Mapi Mahaabhiyan: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में 26 जनवरी से 31 मार्च तक भूमि मापी महाअभियान चलाया जाएगा। इस महाअभियान के तहत अविवादित भूमि की मापी सात दिनों और विवादित मामलों की मापी 11 दिनों की निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएगी, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक विवादों पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।       

सिन्हा ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि मापी की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में यह कदम उठाया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 (2025–30) कार्यक्रम के तहत ‘ईज ऑफ लिविंग' के लक्ष्य को साकार करने के लिए विभाग ने भूमि मापी की नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 26 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी होगी और 31 मार्च तक महाअभियान के रूप में चलाई जाएगी। यह व्यवस्था बिहार काश्तकारी नियमावली, 1885 के नियम 23 (2)(आई) के तहत की गई है। 

भूमि मापी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन       

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के.अनिल द्वारा जारी निर्देश के अनुसार अब भूमि मापी के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन लिए जाएंगे और आवेदन के समय आवेदक को यह स्पष्ट करना होगा कि भूमि अविवादित है या विवादित। यदि भूमि विवादित पाई जाती है तो अंचलाधिकारी द्वारा विवाद की प्रकृति को परिभाषित किया जाएगा। नयी व्यवस्था के तहत अविवादित मामलों में आवेदन के साथ ही मापी शुल्क का भुगतान करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में यह शुल्क 500 रुपये प्रति खेसरा और शहरी क्षेत्रों में 1,000 रुपये प्रति खेसरा निर्धारित किया गया है। तत्काल मापी के मामलों में यह राशि दोगुनी होगी।

विवादित भूमि की मापी 11 दिनों में होगी पूरी 

विवादित मामलों में उपलब्ध चौहद्दीदारों को स्वतः नोटिस निर्गत कर सात दिनों के भीतर मापी पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि विवादित मामलों में अंचलाधिकारी आवेदन प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर मापी की तिथि और अमीन का निर्धारण करेंगे। यह तिथि सात दिनों के भीतर की होगी तथा सभी चौहद्दीदारों को सिस्टम के माध्यम से नोटिस भेजा जाएगा। विवादित भूमि की मापी अधिकतम 11 दिनों में पूरी की जाएगी। दोनों ही प्रकार के मामलों में मापी के उपरांत अमीन द्वारा प्रतिवेदन ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा, जो आवेदन की तिथि से 14वें दिन तक पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Harman

Related News

static