बिहार में कोचिंग सेंटरों पर पुलिस की सख्ती! छात्रों की सुरक्षा को लेकर नए नियम लागू
Monday, Feb 16, 2026-11:54 PM (IST)
पटना: बिहार पुलिस ने राज्यभर में संचालित कोचिंग संस्थानों के लिए कड़े सुरक्षा और प्रबंधन मानक जारी किए हैं। आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाना है। सभी कोचिंग संचालकों को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस रद्द करने या जुर्माना लगाने जैसी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रमुख दिशा-निर्देश
रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
हर कोचिंग संस्थान को विधिवत पंजीकरण कराना होगा। रजिस्ट्रेशन नंबर को रिसेप्शन या प्रवेश द्वार पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना जरूरी होगा।
पुलिस वेरिफिकेशन
सभी शिक्षकों और कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है। यदि संस्थान परिवहन सुविधा देता है, तो ड्राइवर और सहायक स्टाफ का भी वेरिफिकेशन आवश्यक होगा।
सुरक्षा इंतजाम
हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे (जहां संभव हो, ऑडियो सहित)
- आपातकालीन निकास द्वार
- पर्याप्त रोशनी
- बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली
- छात्राओं के लिए विशेष सुरक्षा उपाय
- स्वास्थ्य और स्वच्छता
- साफ पेयजल की व्यवस्था
- पुरुष और महिला छात्रों के लिए अलग शौचालय
- अस्वस्थ छात्रों के लिए अलग बैठने की सुविधा
- असामान्य व्यवहार या अवसाद के संकेत मिलने पर अभिभावकों को सूचित करना
इमरजेंसी और हेल्पलाइन
रिसेप्शन पर स्थानीय थाने, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और 112 आपातकालीन नंबर की जानकारी प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। साथ ही, 112 इंडिया ऐप के महिला सुरक्षा फीचर्स की जानकारी छात्राओं और स्टाफ को दी जाएगी।
अग्नि एवं आपदा प्रबंधन
अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना जरूरी होगा। आग, भूकंप या बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए नियमित मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण आयोजित करना अनिवार्य रहेगा।
अभिभावक सूचना प्रणाली
छात्र की अनुपस्थिति पर तुरंत अभिभावकों को सूचित करना होगा। मॉक टेस्ट या शैक्षणिक प्रदर्शन की जानकारी भी मैसेज या नोटिफिकेशन के जरिए साझा करनी होगी।
सिक्योरिटी ऑडिट
हर संस्थान को अपना सुरक्षा ऑडिट कराना होगा। यदि पहले नहीं हुआ है तो जल्द कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
करियर काउंसलिंग और साइकोलॉजिकल काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी होगा, ताकि छात्रों के मानसिक तनाव को कम किया जा सके।
अन्य सख्त प्रावधान
नामांकन प्रक्रिया में दलालों या बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रत्येक थाने में संबंधित क्षेत्र के कोचिंग संस्थानों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा।
सख्ती के संकेत
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाना है। भविष्य में निरीक्षण और जांच अभियान चलाकर अनुपालन की समीक्षा की जाएगी।

