CONFIRMED! ईशान किशन और मॉडल अदिति हुंडिया का रिश्ता तय? दादा अनुराग पांडेय ने शादी को लेकर दिया बड़ा बयान
Sunday, Feb 15, 2026-11:07 AM (IST)
Ishan Kishan Wedding: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन (Ishan Kishan) की पर्सनल लाइफ को लेकर फैंस का इंतजार खत्म होता दिख रहा है। बिहार के औरंगाबाद में रहने वाले ईशान के दादा, अनुराग पांडेय ने पोते की शादी और उनकी कथित गर्लफ्रेंड अदिति हुंडिया के रिश्ते पर खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि परिवार अब पुरानी रूढ़ियों को छोड़कर बच्चों की पसंद को प्राथमिकता देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
"पसंद ईशान की, मुहर परिवार की"
एक पारिवारिक बातचीत के दौरान अनुराग पांडेय ने साफ कहा कि ईशान की शादी का फैसला पूरी तरह उनका अपना होगा। उन्होंने बताया कि ईशान ने खुद अपनी निजी जिंदगी के बारे में दादा को भरोसे में लिया है। दादा के मुताबिक, परिवार के लिए समाज या गांव की बातों से ज्यादा ईशान की खुशी मायने रखती है। उन्होंने कहा, "ईशान जिसे पसंद करेंगे, परिवार उसे खुले दिल से स्वीकार करेगा।"
#WATCH | Aurangabad, Bihar | Grandfather of Indian Cricketer Ishan Kishan, Anurag Pandey says, "...We are ready to accept whoever Ishan Kishan wants to marry. Aditi is his girlfriend...She is a model...One should accept what makes children happy..." (14.03) pic.twitter.com/narb5aZHtx
— ANI (@ANI) February 14, 2026
अदिति हुंडिया पर दादा का बड़ा खुलासा
जब उनसे ईशान की रयूमर्ड गर्लफ्रेंड और मशहूर मॉडल अदिति हुंडिया के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही सहजता से जवाब दिया। उन्होंने पुष्टि की कि अदिति जयपुर की रहने वाली हैं, पेशे से मॉडल हैं और 'मिस इंडिया' प्रतियोगिता में रनर-अप भी रह चुकी हैं। दादा ने मुस्कुराते हुए एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया, "ईशान ने मुझे कहा था कि अदिति उनके इंटरव्यू की बहुत तारीफ कर रही थीं। अब हम इस पर क्या कहें? ईशान को जो मन होगा, वही करेगा। हमारे बड़े पोते ने भी अपनी पसंद से शादी की थी और ईशान के मामले में भी हम वही परंपरा निभाएंगे।"
समाज की चिंता छोड़, बच्चों की खुशी पर जोर
अक्सर देखा जाता है कि छोटे शहरों में सेलिब्रिटी शादियों को लेकर सामाजिक दबाव होता है, लेकिन ईशान के दादा ने इस पर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा, "हमें इस बात की कोई चिंता नहीं है कि गांव या समाज क्या कहेगा। गांव वालों के फेर में पड़ने की जरूरत नहीं है। जहां बच्चे खुश हैं, वही फैसला सही है। हमारी खुशी बच्चों की खुशी में है।"

