पटना में करोड़ों की लागत से बनेगा एशिया का पहला डॉल्फिन शोध संस्थानः सुशील मोदी

9/16/2020 11:53:10 AM

 

पटनाः बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने कहा कि पटना (Patna) में 30.52 करोड़ रुपए की लागत से एशिया (Asia) का पहला डॉल्फिन शोध संस्थान (First Dolphin Research Institute) की स्थापना की जा रही है।

सुशील मोदी ने प्रधानमंत्री मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिहार में अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी 543 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास के लिए आयोजित ऑनलाइन समारोह में ‘प्रोजेक्ट डॉल्फिन' की घोषणा के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। साथ ही कहा कि पटना विश्वविद्यालय के एक एकड़ परिसर में 30.52 करोड़ रुपए की लागत से एशिया (Asia) का पहला डॉल्फिन शोध संस्थान (Dolphin Research Institute) की स्थापना की जा रही है।

उप मुख्यमंत्री (Deputy CM) ने कहा कि वर्ष 2018-19 के सर्वेक्षण के अनुसार पूरे देश में 3031 डॉल्फिन में से करीब आधी संख्या 1455 बिहार में पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि सुल्तानगंज-कहलगांव के 60 किलोमीटर क्षेत्र को ‘विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन सेन्चुरी' घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे के 57 ऐसे सर्वाधिक प्रदूषण पैदा करने वाले उद्योगों की पहचान की गई हैं, जहां जीरो लिक्विड डिस्चार्ज और एक-एक इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित कर औद्योगिक कचरे के बहाव को रोका गया है, जिसके परिणामस्वरूप गंगा बिहार में औद्योगिक प्रदूषण से मुक्त है। उन्होंने कहा कि 34 स्थलों से संग्रहित गंगा जल की जांच में उसे जलीय जीवन के अनुरूप पाया गया है लेकिन मल-जल एवं सीवेज के पानी के कारण गंगा जल पीने और स्नान करने योग्य नहीं है।

वहीं सुशील मोदी (Sushil Modi)ने कहा कि 155.88 करोड़ रुपए की लागत से गंगा किनारे के 12 जिले, जिनमें बक्सर, भोजपुर, वैशाली, छपरा और पटना में 103 कलस्टर में जैविक खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के पहले के 15 वर्षों की 1114.62 करोड़ रुपए की तुलना में एनडीए सरकार (NDA Government) के 15 साल में नगर विकास का खर्च 34 गुना बढ़कर 34217.49 करोड़ रुपए हो गया है।


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